[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार चुनाव चुनाव जीतने के बाद बदल गयी 17 विधायकों की निष्ठा, 5 साल में बिहार विधानसभा ने पास किये 99 विधेयक

चुनाव जीतने के बाद बदल गयी 17 विधायकों की निष्ठा, 5 साल में बिहार विधानसभा ने पास किये 99 विधेयक

0
चुनाव जीतने के बाद बदल गयी 17 विधायकों की निष्ठा, 5 साल में बिहार विधानसभा ने पास किये 99 विधेयक
पटना विधानसभा.

Bihar Election 2025: चुनावों के दौरान नेताओं का दलबदल आम बात है, लेकिन बीच में पार्टी बदलने का चलन भी बिहार में हैं. बिहार विधानसभा के पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल (2020 से 2025)की बात करें, तो 17 विधायकों ने पाला बदला. यानी अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हो गये. इस दौरान विधानसभा में कुल 99 विधेयक पेश किये गये और ये सभी बिल पारित भी हुए. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच की ओर से जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है.

बिहार में 5 साल में 17 विधायकों ने किया दलबदल

क्रमविधायक का नामनिर्वाचन क्षेत्रकिस पार्टी में थेकिस पार्टी में गये
1भारत बिंदभभुआराजदभाजपा
2बीमा भारतीरुपौलीजदयूराजद
3चेतन आनंदशिवहरराजदजदयू
4मिश्रीलाल यादवअलीनगरवीआईपीभाजपा
5मो अंजर नयीमीबहादुरगंजएआईएमआईएमराजद
6मो जमां खानचैनपुरबीएसपीजदयू
7मो इजहार असफीकोचाधामनएआईएमआईएमराजद
8मुरारी प्रसाद गौतमचेनारी (एससी)कांग्रेसभाजपा
9नीलम देवीमोकामा उपचुनाव (3.11.2022)राजदजदयू
10प्रह्लाद यादवसूर्यगढ़ाराजदजदयू
11राज कुमार सिंहमटिहानीलोजपाजदयू
12राजू कुमार सिंहसाहेबगंजवीआईपीभाजपा
13संगीता कुमारीमोहनिया (एससी)राजदभाजपा
14शाहनवाजजोकीहाटएआईएमआईएमराजद
15सिद्धार्थ सौरभबिक्रमकांग्रेसभाजपा
16स्वर्ण सिंहगौरा बौड़ामवीआईपीभाजपा
17सैयद रुकनुद्दीन अहमदबैसीएआईएमआईएमराजद
Source : ADR Report

5 साल में बिहार विधानसभा की हुई 146 बैठकें

रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार में कुल 243 विधायकों में से 17 ने 5 साल के दौरान अपने दल बदले. वर्ष 2020 से 2025 के दौरान विधानसभा के कुल 15 सत्र हुए, जिनमें 146 बैठकें हुईं. विधानसभा की वेबसाइट से जो आंकड़े प्राप्त हुए हैं, उसके मुताबिक, 243 विधायकों ने कुल 22,505 प्रश्न पूछे, जिनमें ग्रामीण कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल संसाधन से जुड़े विषय सबसे प्रमुख रहे.

Bihar Election 2025 Bihar Vidhans Sabha Chunav News
बिहार विधानसभा में 5 साल में कितने काम हुए.

भाजपा के अरुण शंकर प्रसाद ने पूछे सबसे ज्यादा सवाल

सबसे अधिक प्रश्न पूछने वालों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अरुण शंकर प्रसाद (275 प्रश्न), कांग्रेस के मनोज प्रसाद सिंह (231) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुकेश कुमार यादव (230) शामिल रहे. पार्टी के आधार पर औसत में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माकपा (माले) लिबरेशन के विधायकों ने सर्वाधिक सक्रियता दिखायी. सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) और भाजपा के विधायकों ने भी प्रश्नों की उल्लेखनीय संख्या दर्ज की.

सबसे ज्यादा प्रश्न पूछने वाले विधायक

क्रमविधायक का नामकिस पार्टी के हैंकितने सवाल पूछे
1अरुण शंकर प्रसादभाजपा275
2मनोज प्रसाद सिंहकांग्रेस231
3मुकेश कुमार यादवराजद230
Source : ADR Report

ग्रामीण कार्य, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े थे सबसे ज्यादा मुद्दे

‘बिहार इलेक्शन वॉच’ के राजीव कुमार ने बताया कि ग्रामीण कार्य, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सबसे अधिक 3,000 से अधिक प्रश्न पूछे गये, जो जनता की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं. विधानसभा सत्रों के दौरान 2021 से 2025 के बीच पारित प्रमुख विधेयकों में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021, बिहार नियंत्रण अपराध विधेयक 2024, और जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय विधेयक 2025 शामिल हैं.

Bihar Election 2025: 6 और 11 नवंबर को बिहार में 2 चरणों में होगी वोटिंग

राजीव कुमार कहते हैं कि बिहार विधानसभा की पारदर्शिता में सुधार हुआ है, और सत्रों की नियमितता बनी रही है. उन्होंने कहा कि कई मंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति का डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराया गया. एडीआर की यह रिपोर्ट बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जारी हुई है. बिहार में 6 नवंबर और 11 नवंबर को 2 चरणों में वोटिंग होगी. 14 नवंबर को सभी 243 सीटों पर हुई वोटिंग की मतगणना करायी जायेगी.

इसे भी पढ़ें

बिहार में कौन कर रहा ‘विकास बनाम बुर्के’ की शरारत? उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या-क्या कहा, पढ़ें

Bihar Election 2025: बिहार में चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से क्या कहा?

परिवार और पार्टी से बेदखल लालू प्रसाद के बड़े लाल तेज प्रताप अब भी 2.88 करोड़ के मालिक

Anant Singh Networth: 37.18 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं अनंत सिंह, उनसे धनवान उनकी पत्नी

Previous article Samastipur News:सिटी सेंट्रल स्कूल के बच्चों की रंगोली ने दिल जीता
Next article जिले के अस्वस्थ कर्मियों की जांच के लिए लगी शिविर, 161 का हुआ हेल्थ चेकअप
Avatar Of Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel