[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Automobile क्या सोशल मीडिया ने बदल दी THAR और KTM की पहचान? जानिए पूरी कहानी

क्या सोशल मीडिया ने बदल दी THAR और KTM की पहचान? जानिए पूरी कहानी

0
क्या सोशल मीडिया ने बदल दी THAR और KTM की पहचान? जानिए पूरी कहानी
Thar और KTM / ai image

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में कुछ गाड़ियां ऐसी हैं जिनकी पहचान सिर्फ उनके फीचर्स, इंजन या परफॉर्मेंस तक सीमित नहीं रहती. समय के साथ उनकी एक अलग सोशल इमेज भी बन जाती है. महिंद्रा थार और KTM मोटरसाइकिलें इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं. दोनों ही अपने-अपने सेगमेंट में बेहद लोकप्रिय और तकनीकी रूप से सक्षम वाहन माने जाते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर इनके नाम के साथ कई तरह की धारणाएं जुड़ गई हैं. सवाल यह है कि आखिर ऐसा हुआ कैसे और क्या वास्तव में वाहन इसकी वजह हैं या फिर कुछ लोगों का व्यवहार?

सोशल मीडिया ने बदल दी गाड़ियों की पहचान

पिछले कुछ वर्षों में इंस्टाग्राम, यूट्यूब और शॉर्ट वीडियो प्लैटफॉर्म्स ने वाहन संस्कृति को नई दिशा दी है. पहले लोग किसी कार या बाइक को उसके माइलेज, भरोसेमंद इंजन या उपयोगिता के आधार पर पहचानते थे, लेकिन अब वायरल वीडियो और रील्स भी किसी वाहन की छवि तय करने लगे हैं.

महिंद्रा थार और KTM जैसी गाड़ियां अक्सर स्टंट, तेज रफ्तार या दिखावे से जुड़े कंटेंट में नजर आती हैं. लगातार ऐसे वीडियो देखने के बाद आम लोगों के बीच एक खास तरह की धारणा बनने लगी, जिसने इन वाहनों की सार्वजनिक छवि को प्रभावित किया.

महिंद्रा थार: ऑफ-रोडिंग आइकन से सोशल स्टेटस सिंबल तक

महिंद्रा थार को भारत की सबसे लोकप्रिय ऑफ-रोड एसयूवी में गिना जाता है. इसकी ऊंची ड्राइविंग पोजिशन, दमदार डिजाइन और मजबूत रोड प्रेजेंस इसे भीड़ से अलग बनाती है. यही वजह है कि युवा खरीदारों के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ी है.

हालांकि सोशल मीडिया पर कई बार थार को ऐसे वीडियो में देखा गया जहां कुछ लोग ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए या सार्वजनिक सड़कों पर जोखिम भरे स्टंट करते नजर आए. इन घटनाओं ने वाहन से ज्यादा उसके कुछ चालकों की छवि को चर्चा में ला दिया. धीरे-धीरे लोगों ने वाहन को भी उसी व्यवहार से जोड़ना शुरू कर दिया.

KTM के साथ क्यों जुड़ा यूथ राइडर कल्चर?

KTM ने भारतीय बाजार में एंट्री के बाद परफॉर्मेंस बाइक सेगमेंट को नई पहचान दी थी. तेज एक्सेलरेशन, स्पोर्टी डिजाइन और आकर्षक कीमत ने इसे युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया. आसान फाइनेंस विकल्पों और सेकेंड हैंड बाजार में उपलब्धता ने इसकी पहुंच और बढ़ा दी.

समस्या तब शुरू हुई जब कुछ राइडर्स ने सोशल मीडिया लोकप्रियता पाने के लिए सार्वजनिक सड़कों पर व्हीली, रेसिंग और खतरनाक स्टंट जैसे वीडियो पोस्ट करने शुरू कर दिए. इन वीडियो ने बाइक की तकनीकी खूबियों से ज्यादा एक अलग तरह की छवि को जन्म दिया, जो समय के साथ इंटरनेट मीम्स और चर्चाओं का हिस्सा बन गई.

क्या सच में गाड़ियां जिम्मेदार हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी वाहन की छवि उसके डिजाइन या इंजन से नहीं, बल्कि उसे इस्तेमाल करने वाले लोगों के व्यवहार से बनती है. महिंद्रा थार हो या KTM, दोनों ही अपने सेगमेंट में सफल और सम्मानित प्रॉडक्ट्स हैं. लाखों जिम्मेदार चालक और राइडर्स इनका रोजाना सुरक्षित इस्तेमाल करते हैं.

लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ वायरल घटनाएं अक्सर पूरी तस्वीर को बदल देती हैं. यही कारण है कि कुछ चुनिंदा घटनाएं पूरे वाहन समुदाय की पहचान बन जाती हैं, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक व्यापक होती है.

बदल रही है सोच, जिम्मेदार ड्राइविंग की बढ़ रही अहमियत

आज के समय में सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है. ऑटोमोबाइल कंपनियां भी लगातार सुरक्षा फीचर्स और राइडिंग एजुकेशन पर जोर दे रही हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किसी वाहन की पहचान उसके मालिक के व्यवहार से बनती है, न कि केवल उसके ब्रांड नाम से.

महिंद्रा थार और KTM दोनों ही उन वाहनों में शामिल हैं जिन्होंने अपने-अपने सेगमेंट में नई पहचान बनाई है. सोशल मीडिया पर बनी धारणाएं अपनी जगह हैं, लेकिन वास्तविक मूल्यांकन हमेशा वाहन की क्षमता, सुरक्षा और उपयोगिता के आधार पर ही होना चाहिए.

यह भी पढ़ें : पुरानी गाड़ियों की हेडलाइट पर क्यों लगाई जाती थी काली पट्टी? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

यह भी पढ़ें : गाड़ियों पर नंबर प्लेट लगाने की शुरुआत कब और क्यों हुई थी, जानिए इसके पीछे की दिलचस्प कहानी

Previous article मुंबई में आफत की बारिश: ट्रेनें प्रभावित, अगले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
Next article Kyunki 2 Leap: 10 बाद जेल से रिहा हुई तुलसी, इस शख्स ने शांति निकेतन में घुसने से किया मना
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel