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Home Automobile कुछ बाइक्स में पीछे वाली सीट राइडर सीट से थोड़ी ऊंची क्यों होती है? जानें वजह

कुछ बाइक्स में पीछे वाली सीट राइडर सीट से थोड़ी ऊंची क्यों होती है? जानें वजह

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कुछ बाइक्स में पीछे वाली सीट राइडर सीट से थोड़ी ऊंची क्यों होती है? जानें वजह
बाइक की पीछे वाली सीट (Photo: Harley Davidson)

दुनियाभर में लाखों लोग मोटरसाइकिल चलाते हैं. कई लोगों को स्पोर्टी बाइक पसंद आती है तो कई को रोजमर्रा की कम्यूटर बाइक. लेकिन इन सभी बाइकों में एक चीज लगभग कॉमन होती है. हम बात कर रहे हैं उनके सीट डिजाइन की. आपने भी गौर किया होगा कि ज्यादातर बाइकों में पीछे बैठने वाली सीट यानी पिलियन सीट (Pillion Seat), राइडर की सीट से थोड़ी ऊंची होती है. कई लोगों को उस पर चढ़ने में दिक्कत भी होती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कंपनियां ऐसा डिजाइन आखिर रखती क्यों हैं? आखिर इसके पीछे क्या वजह है? आइए आपको बताते हैं.

हैंडलिंग और सेफ्टी बनी रहे

बाइक की पीछे की सीट थोड़ा ऊंचा होने से राइड करते समय आपका वजन सही तरीके से बैलेंस रहता है. इसका फायदा ये होता है कि बाइक ज्यादा स्टेबल महसूस होती है और ऊबड़-खाबड़ रास्तों या स्पीड ब्रेकर पर भी आगे का हिस्सा हल्का नहीं पड़ता.

विजिबिलिटी और कम्फर्ट मिल सके

जब पीछे बैठने वाले की सीट थोड़ी ऊंची होती है, तो उसका एक्सपीरियंस खुद-ब-खुद बेहतर हो जाता है. उसे सामने का रास्ता साफ दिखाई देता है, क्योंकि वो आसानी से राइडर के कंधे के ऊपर से देख सकता है. इतना ही नहीं, इससे हेलमेट आपस में टकराने की परेशानी भी काफी कम हो जाती है.

सस्पेंशन बेहतर तरीके से काम कर सके

आजकल की ज्यादातर मॉडर्न बाइक्स में मोनो-शॉक सस्पेंशन होता है. उनके डिजाइन में पीछे की सीट की ऊंचाई का खास ध्यान रखा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि जब बाइक पर वजन पड़ता है, तो सस्पेंशन थोड़ा नीचे दबता है. अगर सीट और टायर के बीच सही दूरी (क्लियरेंस) नहीं होगी, तो टायर सीट से रगड़ खा सकता है.

राइडिंग बढ़िया हो सके 

इस डिजाइन की वजह से पीछे बैठने वाला इंसान थोड़ा आगे की तरफ झुककर राइडर के करीब बैठता है. इससे हवा का दबाव कम लगता है और राइड ज्यादा स्मूद और कम थकाने वाली हो जाती है.

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
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