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Home Automobile रिजर्व फ्यूल में ड्राइविंग करना क्यों है खतरनाक? जानिए इससे कार पर क्या असर पड़ता है

रिजर्व फ्यूल में ड्राइविंग करना क्यों है खतरनाक? जानिए इससे कार पर क्या असर पड़ता है

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रिजर्व फ्यूल में ड्राइविंग करना क्यों है खतरनाक? जानिए इससे कार पर क्या असर पड़ता है
फ्यूल गेज की फोटो (Photo: 91wheels)

अक्सर हम सोचते हैं कि फ्यूल वॉर्निंग लाइट जलने तक गाड़ी चलाना कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन यही छोटी सी आदत आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है. जब आपकी गाड़ी में लो फ्यूल लाइट जलती है, तो इसका सीधा मतलब है कि अब टैंक में बस थोड़ा सा ही पेट्रोल बचा है. ‘रिजर्व फ्यूल’ को रोजमर्रा में इस्तेमाल करना सही नहीं है. ये रिजर्व फ्यूल सिर्फ आपको नजदीकी पेट्रोल पंप तक सेफली पहुंचाने के लिए होता है. अगर आप बार-बार इसी पर गाड़ी चलाते हैं, तो इससे आपकी गाड़ी को नुकसान भी हो सकता है. आइए जानते हैं कैसे.

फ्यूल पंप डैमेज हो सकता है 

फ्यूल पंप टैंक के अंदर होता है और उसी पेट्रोल या डीजल से ठंडा और लुब्रिकेट होता रहता है. लेकिन जब फ्यूल बहुत कम हो जाता है, तो पंप फ्यूल की जगह हवा खींचने लगता है. इससे वो जल्दी गर्म होने लगता है और धीरे-धीरे खराब भी हो सकता है.

गंदगी सिस्टम में जा सकती है

समय के साथ फ्यूल टैंक के अंदर थोड़ा-बहुत कचरा, जंग या मिट्टी जमा हो ही जाती है. अब जब आप गाड़ी को रिजर्व में चलाते हैं, तो यही नीचे वाला फ्यूल खींचा जाता है और उसके साथ ये गंदगी भी अंदर चली जाती है. इसका नतीजा ये होगा कि फ्यूल फिल्टर जाम हो सकता है, इंजेक्टर खराब हो सकते हैं और इंजन की परफॉर्मेंस भी धीरे-धीरे गिरने लगती है.

इंजन के परफॉरमेंस पर पड़ता है असर 

कम फ्यूल सीधे आपके इंजन पर असर डालती है. अगर फ्यूल सप्लाई सही नहीं मिलती, तो इंजन झटके देने लगता है, आइडल पर रफ फील होता है और एक्सेलरेशन के समय पावर भी कम लगती है. पेट्रोल कार में तो ये आदत महंगी भी पड़ सकती है, क्योंकि इससे कैटेलिटिक कन्वर्टर तक खराब हो सकता है.

ड्राइविंग के समय सेफ्टी रिस्क बढ़ जाता है 

अगर आप गाड़ी चला रहे हैं और अचानक बीच सड़क पर पेट्रोल खत्म हो जाए तो ये खतरनाक स्थिति बन सकती है. इंजन बंद होते ही स्टेयरिंग भारी हो जाता है, ब्रेक भी सही से काम नहीं करते और गाड़ी बीच रास्ते में रुक सकती है. खासकर हाईवे या भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ये जोखिम और बढ़ जाता है.

फ्यूल गेज पर आंख बंद कर न करें भरोशा

अगर आप भी गाड़ी के फ्यूल गेज पर पूरी तरह भरोसा करते हैं, तो थोड़ा अलर्ट हो जाइए. ये मीटर हमेशा 100% सही नहीं होता. सड़क का ढलान, ड्राइविंग कंडीशन और सेंसर की गड़बड़ी इसकी रीडिंग को बदल सकते हैं. यानी डिस्प्ले कुछ और दिखाए और टैंक में फ्यूल कम निकले ऐसा होना बिल्कुल मुमकिन है.

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
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