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Home Automobile 2027 से यूके में मिलेंगी ड्राइवरलेस टैक्सियां, बड़ा सवाल- क्या ये इंसानी ड्राइवरों से ज्यादा सुरक्षित हैं?

2027 से यूके में मिलेंगी ड्राइवरलेस टैक्सियां, बड़ा सवाल- क्या ये इंसानी ड्राइवरों से ज्यादा सुरक्षित हैं?

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2027 से यूके में मिलेंगी ड्राइवरलेस टैक्सियां, बड़ा सवाल- क्या ये इंसानी ड्राइवरों से ज्यादा सुरक्षित हैं?
रोबोटैक्सी-AI-टेस्टिंग / ai pic

लंदन की सड़कों पर अब Waymo के रोबोटैक्सी खुद को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चला रहे हैं. Google की सेल्फ-ड्राइविंग डिवीजन से शुरू हुई यह कंपनी पहले यूके में इंसानी ड्राइवरों के साथ टेस्टिंग कर रही थी, लेकिन अब उसने अगला कदम उठाते हुए वाहनों को पूरी तरह AI कंट्रोल में देना शुरू कर दिया है.

क्या बदल रहा है

Waymo ने बताया कि फिलहाल कुछ गाड़ियों में अभी भी ह्यूमन सेफ्टी ड्राइवर्स मौजूद हैं, लेकिन कई कारें अब पूरी तरह AI से चल रही हैं. कंपनी का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक फुली ऑटोनॉमस पैसेंजर सर्विस शुरू की जाए, बशर्ते सरकार से मंजूरी मिल जाए.

सुरक्षा और भरोसा

कंपनी का दावा है कि उसकी गाड़ियां इंसानी ड्राइवरों की तुलना में 92% कम गंभीर या जानलेवा हादसों में शामिल होती हैं. लेकिन ब्रिटेन में किये गए एक सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 3% लोग ही ड्राइवरलेस टैक्सी पर पूरा भरोसा जताते हैं, जबकि 79% लोग इसे लेकर संदेह में हैं.

कानून और टाइमलाइन

यूके में ड्राइवरलेस टैक्सियों को पूरी तरह हरी झंडी 2027 से मिलेगी, जब Automated Vehicles Act लागू होगा. तब तक कंपनियां टेस्टिंग और परफॉर्मेंस वैलिडेशन पर काम करती रहेंगी.

विवाद और हादसे भी सामने आये

हालांकि Waymo की गाड़ियों को लेकर विवाद भी सामने आये हैं. पिछले साल सैन फ्रांसिस्को में एक पेट कैट KitKat की मौत Waymo की कार से हुई थी, जिससे कम्यूनिटी में नाराजगी बढ़ी. कंपनी ने इस घटना पर खेद जताया और स्थानीय एनिमल राइट्स संगठन को दान दिया.

यह भी पढ़ें: AI कैमरा काट रहा PUC चालान, बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के चला रहे हैं गाड़ी, तो हो जाएं सावधान

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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