[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Automobile Traffic Rules: ट्रैफिक पुलिस और चालान से बचना है तो डिजी-लॉकर का करें इस्तेमाल

Traffic Rules: ट्रैफिक पुलिस और चालान से बचना है तो डिजी-लॉकर का करें इस्तेमाल

0
Traffic Rules: ट्रैफिक पुलिस और चालान से बचना है तो डिजी-लॉकर का करें इस्तेमाल

Traffic Rules: क्या आप ट्रैफिक पुलिस को बार-बार ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र आदि दिखाने से परेशान हैं? इन दस्तावेजों को बार-बार दिखाने में आपको दिक्कत महसूस होती है? अगर आपको गाड़ी चलाने के लिए जरूरी दस्तावेजों को लेकर ट्रैफिक पुलिस परेशान करती है, तो इसका भी उपाय है. आपको इन दस्तावेजों की हार्डकॉपी या फिर रंगीन फोटो कॉपी रखने का आवश्यकता नहीं है. अब आप डिजिटली भी इसे अपने मोबाइल से दिखा सकते हैं. इसके लिए आपको बहुत अधिक परिश्रम और पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है. बस, आपको डिजी-लॉकर में अपने इन दस्तावेजों का फोटो रख लेना है. फिर आपको ट्रैफिक पुलिस कभी भी परेशान नहीं करेगी. आइए, जानते हैं कैसे?

क्या कहता है नियम

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यातायात नियमों और डिजी-लॉकर के इस्तेमाल के नियमों के बारे में जानकारी दी है. इस नियम के तहत किसी भी वाहन के चालक का ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) जैसे दस्तावेजों को भौतिक रूप में रखने की जरूरत नहीं है. अगर आपने इन दस्तावेजों को डिजी-लॉकर या फिर एम-परिवहन एप में भी रखा हुआ है, तो आपके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही आपका चालान ही काटा जा सकता है.

डिजी-लॉकर में होती है सवारी और गाड़ी की डिटेल

डिजी-लॉकर या फिर एम-परिवहन एप में ड्राइवर अथवा सवारी और गाड़ी की पूरी डिटेल होती है. ट्रैफिक पुलिसकर्मी अथवा कोई भी कानून प्रवर्तन कर्मचारी दस्तावेजों के डिजिटल तरीके से आसान से देख सकते हैं. इतना ही नहीं, अगर आप किसी वजह से अपने स्मार्टफोन पर गाड़ी चलाने से संबंधित दस्तावेज दिखाने में असमर्थ हैं, तब भी ट्रैफिक पुलिस आपका चालान नहीं काट सकती. आपकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से ही उसे सारी जानकारी मिल जाती है.

Also Read: Bizarre News: दुनिया के किन शहरों में नहीं चलती कोई गाड़ी?

क्या है डिजी-लॉकर

डिजी-लॉकर की फुल फॉर्म डिजिटल लॉकर है. यह डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत भारत सरकार की एक पहल है. इसका उद्देश्य पेपरलेस सिस्टम तैयार करना है, ताकि एजेंसियों के बीच ई-दस्तावेजों का आदान-प्रदान हो सके. डिजी-लॉकर के माध्यम से डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन और ई-साइन के प्रावधान लागू किए गए. आप अपने आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी सहित दूसरे महत्वपूर्ण दस्तावेज डिजीलॉकर ऐप में सेव करके रख सकते हैं. किसी सरकारी काम में जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है. ये मूल दस्तावेजों की तरह ही मान्य होते हैं.

Also Read: भारत में लॉन्च हो गई Toyota Urban Cruiser Taisor

Previous article IPL 2024: DC vs KKR मैच से पहले जानें, दोनों टीमों के हेड टू हेड आंकड़े और संभावित प्लेइंग 11
Next article Gold Smuggler: लखनऊ एयरपोर्ट पर चौंकाने वाली घटना, 30 सोना तस्कर चकमा देकर फरार
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel