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Home Automobile सपने को कंट्रोल करने के लिए आप ऐसा हरगिज न करें, जैसा इस रूसी शख्स ने किया; पढ़ें पूरी खबर

सपने को कंट्रोल करने के लिए आप ऐसा हरगिज न करें, जैसा इस रूसी शख्स ने किया; पढ़ें पूरी खबर

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सपने को कंट्रोल करने के लिए आप ऐसा हरगिज न करें, जैसा इस रूसी शख्स ने किया; पढ़ें पूरी खबर

man drill his brain to install dream controller microchip : रूस में एक शख्स ने अपने सपनों को नियंत्रित करने के लिए अपनी खोपड़ी में ड्रिल करके उसमें माइक्रोचिप डालने की कोशिश की. ऐसा करते हुए वह लगभग मौत के मुंह में पहुंच गया. इस रूसी शख्स की पहचान माइकल रेडुगा के रूप हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शख्स ने अपने सपने को कंट्रोल करने के लिए घर में उपयोग होने वाले ड्रिल मशीन की मदद से खोपड़ी में छेद कर उसमें माइक्रोचिप डालने की कोशिश की. इस प्रक्रिया में वह खुद चोटिल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

10 घंटे लगे, काफी खून भी बहा

रिपोर्ट्स की मानें, ताे माइकल रेडुगा नाम के व्यक्ति के पास न्यूरोसर्जरी की कोई योग्यता नहीं है. इसके बावजूद उन्होंने खुद ही सर्जरी करके अपने दिमाग में एक चिप लगायी है, ताकि वह एक दिन अपने सपनों को नियंत्रित कर सके. माइकल ने यह सर्जरी पिछले महीने अपने घर पर ही की, जिसमें उन्हें करीब 10 घंटे लगे थे और उस दौरान उनका काफी खून भी बह गया था. हालांकि, ऐसा करने से उसने ऐसा करने से पहले, उसने यूट्यूब पर न्यूरोसर्जन के काम करने का वीडियो देखा था. इस घटना का पता तब लगा, जब पिछले दिनों टेलीग्राम चैनल मैश साइबेरिया पर रूसी शहर नोवोसिबिर्स्क के रहने वाले इस व्यक्ति की तस्वीरें पोस्ट की गईं.

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सपने को कंट्रोल करने के लिए आप ऐसा हरगिज न करें, जैसा इस रूसी शख्स ने किया; पढ़ें पूरी खबर 3
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खतरनाक सर्जरी करके खुश हैं माइकल

माइकल खुद से खुद पर इतनी खतरनाक सर्जरी करके खुश हैं. उनका मानना है कि यह प्रक्रिया एक दिन बहुत उपयोगी साबित हो सकती है, जो लोगों को उनके सपनों में प्रवेश करने की अनुमति दे सकती है. उन्होंने कहा कि अगर कोई लकवाग्रस्त व्यक्ति के साथ यह प्रक्रिया की जाए तो वह अपने सपने में जाकर कुछ भी कर सकता है. माइकल ने मीडिया से बात करते हुए बताया, मेरे पास न्यूरोसर्जरी की कोई योग्यता नहीं है और मैंने हार्डवेयर स्टोर में मिली एक ड्रिल की मदद से अपने सिर में छेद किया और त्वचा के कुछ हिस्सों को पेपर क्लिप की मदद से पकड़कर चिप को इम्प्लांट कर दिया.

न्यूरोसर्जन ने इस प्रक्रिया को बताया खतरनाक

खुद के ऊपर ऐसी सर्जरी का खतरा मोल लेने वाले माइकल रडुगा ने कहा, शुरू में मुझे डर लग रहा था क्योंकि ऐसा करने में मेरा करीब 1 लीटर खून बह गया था और मुझे लग रहा था कि कहीं मैं बेहोश न हो जाऊं. खबरों की मानें, तो माइकल ने सर्जरी के 5 हफ्ते बाद चिप को हटा दिया क्योंकि इस प्रक्रिया की वजह से उन्हें लंबे समय तक चलने वाले नुकसान का खतरा हो सकता है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन एलेक्स ग्रीन बताते हैं कि इस प्रक्रिया को घर पर बिल्कुल नहीं आजमाना चाहिए क्योंकि यह बेहद खतरनाक काम है. उन्होंने कहा कि न्यूरोसर्जरी का अभ्यास केवल अनुभवी और योग्य नयूरोसर्जन द्वारा ही किया जाना चाहिए. मालूम हो कि रेडुगा फेज रिसर्च सेंटर संगठन के संस्थापक और एक लेखक हैं. संगठन की वेबसाइट के अनुसार, वह स्पष्ट स्वप्न, सूक्ष्म प्रक्षेपण और शरीर के बाहर के अनुभवों पर शोध और अध्ययन कर चुके हैं.

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