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दुश्मनों के दांत खट्टे करेगा यह टैंक!

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दुश्मनों के दांत खट्टे करेगा यह टैंक!

Mahindra Wheeled Armored Platform: दिग्गज वाहन निर्माता महिंद्रा (Mahindra Group) की कंपनी महिंद्रा डिफेंस (Mahindra Defense) ने दुश्मनों के दांत खट्टे करने के लिए पहियों वाला बख्तरबंद टैंक तैयार किया है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने पहियों वाले इस बख्तरबंद टैंक का निर्माण किया है. डीआरडीओ ने पुणे में चल रहे डिफेंस एक्सपो में इस प्रदर्शित किया है. वहीं, इस बख्तरबंद को लेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने ट्विटर (एक्स) पर पोस्ट भी किया है.

कोई ताकत हमें नहीं रोक सकती : Anand Mahindra

महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने समाचार एजेंसी एएनआई के एक ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा है, ‘महिंद्रा डिफेंस के सहयोग से डीआरडीओ ने पहिएदार उभयचर बख्तरबंद सीबीआरएन को विकसित किया है.’ उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि जब सरकार और उद्योग हाथ मिलाते हैं, तो कोई ताकत नहीं है, जो हमें रोक सकती है.’

अमेरिका के स्ट्राइकर से है बेहतर Mahindra टैंक

डीआरडीओ के विज्ञानी नीलेश पटेल ने कहा, यह दूसरी पीढ़ी का प्लेटफार्म है जो कई भूमिकाओं को निभाने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि इसका परीक्षण सफल रहा है. उन्होंने कहा कि इसने जमीन और पानी दोनों मोबिलिटी टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन किया है. यह हल्का है और बढ़ी हुई बैलिस्टिक सुरक्षा के साथ कॉम्पैक्ट है. इसकी तुलना अन्य सभी अंतरराष्ट्रीय समान प्रणालियों से की जा सकती है और यह कई पहलुओं में उनसे बेहतर है. विशेष रूप से अमेरिका के स्ट्राइकर बख्तरबंद वाहनों से कहीं बेहतर है. यह वाहन प्लेटफॉर्म महिंद्रा डिफेंस के सहयोग से निर्मित है.

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डिफेंस एक्सपो में रॉकेट किए गए प्रदर्शित

डीआरडीओ ने डिफेंस एक्सपो में विभिन्न प्रकार के रॉकेटों का भी प्रदर्शन किया और इसमें पिनाका-मार्क 1 रॉकेट शामिल हैं. इससे पहले एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने पुणे में महाराष्ट्र एमएसएमई डिफेंस एक्सपो का दौरा किया. उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकियों वाले रडार को अपनाने का समय आ गया है. वायुसेना कुछ दिनों में इसके लिए एलएंडटी के साथ एक नए समझौते पर हस्ताक्षर करेगी.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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