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Home Automobile कार स्टार्ट करने के बाद पहला 1 मिनट: इंजन की उम्र और माइलेज का असली राज

कार स्टार्ट करने के बाद पहला 1 मिनट: इंजन की उम्र और माइलेज का असली राज

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कार स्टार्ट करने के बाद पहला 1 मिनट: इंजन की उम्र और माइलेज का असली राज
Car starting tips in Hindi / ai image

Car starting tips: गाड़ी चलाने का असली खेल स्टार्ट करने के बाद के पहले 60 सेकंड में छिपा है. यही वो पल है जब इंजन की सेहत तय होती है, माइलेज बेहतर बनता है और ड्राइविंग थकान रहित रहती है. अक्सर लोग जल्दबाजी में एक्सीलेटर दबा देते हैं, लेकिन असली समझदारी है इंजन को सांस लेने का मौका देना.

सीट और शीशे सेट करना ही असली शुरुआत

ड्राइविंग का मजा तभी है जब सीट और स्टीयरिंग सही जगह पर हों. सीट इतनी एडजस्ट हो कि ब्रेक पूरी तरह दब सके और स्टीयरिंग सीने से एक हाथ की दूरी पर रहे. इसके बाद शीशों को इस तरह सेट करें कि पीछे की सड़क साफ दिखे और लेन बदलते वक्त कोई खतरा न बने.

इंजन को आराम से जगाइए, जल्दबाजी न कीजिए

स्टार्ट करने के बाद सबसे अहम है 30 से 40 सेकंड इंजन को बिना एक्सीलेटर दबाए चलने देना. इस दौरान इंजन ऑयल हर हिस्से तक पहुंचता है और ठंडे इंजन की घिसावट कम होती है. यही आदत इंजन की उम्र बढ़ाती है और लंबे समय तक खर्च बचाती है.

डैशबोर्ड और AC पर ध्यान

डैशबोर्ड की लाइट्स को नजरअंदाज करना खतरनाक है. अगर इंजन, बैटरी या ऑयल की चेतावनी लाइट बंद न हो तो गाड़ी आगे बढ़ाना जोखिम है. साथ ही पहले मिनट में AC या ब्लोअर बंद रखें ताकि इंजन पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और माइलेज बेहतर बना रहे.

धीरे चलना ही असली सर्विस

पहले 1-2 किलोमीटर गाड़ी को हल्के एक्सीलेटर पर चलाएं.RPM कम रखें और तेज रेस से बचें. यही तरीका इंजन, गियरबॉक्स और क्लच को सुरक्षित रखता है. सच कहें तो धीरे चलना इंजन के लिए फ्री सर्विस जैसा फायदा देता है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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