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Home Automobile 5G RollOut: नयी तकनीक के साथ बढ़ेगा डेटा सिक्योरिटी का खतरा, सावधानी है जरूरी

5G RollOut: नयी तकनीक के साथ बढ़ेगा डेटा सिक्योरिटी का खतरा, सावधानी है जरूरी

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5G RollOut: नयी तकनीक के साथ बढ़ेगा डेटा सिक्योरिटी का खतरा, सावधानी है जरूरी

5G Rollout Challenges: 5G यानी पांचवीं पीढ़ी का वायरलेस सेलुलर नेटवर्क इसी महीने लॉन्च किया जाएगा. संचार की पहली चार पीढ़ियां कनेक्टिविटी काे नये स्तर तक ले गईं. जहां 3G और 4G ने मोबाइल डेटा में सुधार किया है, वहीं 5G मोबाइल ब्रॉडबैंड ऐक्सेस का विस्तार करने जा रहा है.

5G तकनीक 4G के साथ काम करेगी और धीरे-धीरे पूरी तरह से इसकी जगह ले लेगी. जहां 5G तकनीक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), स्मार्ट सिटीज और उद्योग 4.0 को बढ़ावा देने का वादा करता है, वहीं यह साइबर हमले के भी रास्ते खोलते हुए कुछ सावधानी और सावधानी बरतने का आह्वान करती है.

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उदाहरण के लिए, हाई बैंडविड्थ और 5G की कम विलंबता का मतलब होगा कि बॉडी कैमरा, चेहरे की पहचान करनेवाली तकनीक, नंबर प्लेट रीडिंग, ड्रोन और सीसीटीवी जैसे उपकरण अधिक कुशलता से काम करेंगे. इससे पुलिस को मदद मिलेगी क्योंकि उनके पास अधिक परिष्कृत डेटा और स्पष्ट चित्रों तक पहुंच संभव होगी. इससे संगठनों के साथ आपातकालीन उत्तरदाताओं के साथ संचार भी तेज होगा.

दूसरी ओर, 5G में समान बड़ी बैंडविड्थ अपराधियों को आसानी से डेटाबेस चुराने करने की अनुमति देगी. समय के साथ और अधिक उपकरण जुड़ेंगे और इससे अटैक्स की संख्या बढ़ेगी. यही नहीं, साइबर हमले और भी अधिक सटीक हो सकते हैं. हालांकि, पुलिस के लिए 5जी के माध्यम से उपलब्ध होने वाले विशाल डेटा का लाभ उठाने की स्थिति में होने के लिए, सरकारों को पुलिस सॉफ्टवेयर के इंफ्रास्ट्रक्चर और टूल्स को अपग्रेड करने की दिशा में तेज कदम उठाने चाहिए. यही नहीं, पुलिसकर्मियों को 5G सक्षम अपराधों का पता लगाने के लिए भी प्रशिक्षित करने की भी जरूरत है.

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5G में वायरलेस सेलुलर नेटवर्क एक केंद्रीकृत, हार्डवेयर आधारित स्विचिंग से एक वितरित, सॉफ्टवेयर परिभाषित डिजिटल रूटिंग में ट्रांसफर हो जाएगा. 5G में ज्यादा ट्रैफिक रूटिंग पॉइंट होंगे. वर्तमान नेटवर्क में, हार्डवेयर चोक पॉइंट के रूप में कार्य करता है और ऐसे हमलों को रोकता है. पूरी तरह से सुरक्षित होने के लिए सभी ट्रैफिक रूटिंग पॉइंट्स पर नजर रखनी होगी. कोई भी असुरक्षित क्षेत्र नेटवर्क के अन्य भागों के लिए खतरा पैदा कर सकता है.

मौजूदा नेटवर्क गति और क्षमता में सीमित हैं और इससे सेवा प्रदाताओं को वास्तविक समय में सुरक्षा की निगरानी करने में मदद मिली. 5G में बड़ी बैंडविड्थ हमले के अतिरिक्त रास्ते बनाती है. अतिरिक्त गति और मात्रा सुरक्षा तंत्र को चुनौती देगी या दबाव डालेगी.

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सेल साइट्स 5G की गतिशील स्पेक्ट्रम साझा करने की क्षमता का उपयोग करती हैं ताकि सूचना की कई धाराओं को बैंडविड्थ को स्लाइस में साझा करने की अनुमति मिल सके. इंटरनेट ऑफ थिंग्स से अधिक स्मार्ट डिवाइस जुड़े होने के कारण नेटवर्क असुरक्षित हो जाता है.

कास्परस्की का सुझाव है कि आज के समय में जहां हर डिवाइस एक छोटा कंप्यूटर है. मौजूदा इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर की वर्तमान और भविष्य की कमजोरियां तेज हो गई हैं. परिष्कृत बॉटनेट, गोपनीयता उल्लंघन और तेज डेटा निष्कर्षण का जोखिम 5G के साथ बढ़ सकता है. मोबाइल फोन, कंप्यूटर, स्मार्ट होम डिवाइस, कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम, स्मार्ट टीवी, डोर लॉक, रेफ्रिजरेटर, स्पीकर और अन्य घरेलू उपकरण जो इंटरनेट, ब्लूटूथ या अन्य से जुड़ते हैं, कमजोर कड़ी हो सकते हैं. इन डिवाइसेज के पास ऐप्स, फर्मवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम का नवीनतम संस्करण होना चाहिए.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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