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Home Automobile CVT, AMT और DSG में क्या फर्क है? जानें सही ऑटोमैटिक गियरबॉक्स कैसे चुनें

CVT, AMT और DSG में क्या फर्क है? जानें सही ऑटोमैटिक गियरबॉक्स कैसे चुनें

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CVT, AMT और DSG में क्या फर्क है? जानें सही ऑटोमैटिक गियरबॉक्स कैसे चुनें
ऑटोमैटिक गियरबॉक्स (Photo: CARS24)

अगर आप कारों की दुनिया में नए हैं, तो CVT, AMT और DSG जैसे नाम थोड़े मुश्किल और कन्फ्यूज करने वाले लग सकते हैं. लेकिन असल में इनका काम बहुत सिंपल है. ये अपने आप गियर बदलते हैं, ताकि आपको बार-बार क्लच दबाने की झंझट न करनी पड़े. भारत में ऑटोमैटिक कार तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं, ऐसे में इन गियरबॉक्स को समझना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है. इससे आप अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से एक बेहतर और स्मार्ट फैसला ले पाएंगे.

ऑटोमैटिक गियरबॉक्स (Automatic Gearbox) क्या होता है?

इसे आसान शब्दों में समझें तो, मैन्युअल कार में आपको खुद क्लच दबाकर और गियर लीवर चलाकर गियर बदलना पड़ता है. लेकिन ऑटोमैटिक कार में ये सारा काम खुद गाड़ी कर देती है. आपको बस एक्सेलरेटर और ब्रेक संभालना होता है, बाकी कब कौन-सा गियर लगेगा, ये सिस्टम अपने आप तय करता है. अब CVT, AMT और DSG के बीच जो फर्क है, वो इसी प्रोसेस को करने के तरीके में है. यानी हर टेक्नोलॉजी गियर बदलने का काम अलग-अलग तरीके से करती है.

AMT (ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन)

AMT वही मैनुअल गियरबॉक्स होता है, बस इसमें क्लच और गियर बदलने का काम ऑटोमैटिक सिस्टम कर देता है. यानी आपको बार-बार क्लच दबाने या गियर बदलने की टेंशन नहीं रहती. सबसे अच्छी बात ये है कि AMT कारें किफायती होती हैं और माइलेज के मामले में भी मैनुअल कारों के करीब ही रहती हैं.

हालांकि, इसमें एक छोटी सी कमी भी है. ट्रैफिक में चलते समय गियर शिफ्ट थोड़ा झटका दे सकते हैं. फिर भी, अगर आप पहली बार कार खरीद रहे हैं या कम बजट में ऑटोमैटिक का मजा लेना चाहते हैं, तो AMT एक स्मार्ट चॉइस है. Maruti Suzuki Wagon R, Tata Punch और Renault Kwid जैसी कारों में AMT काफी पॉपुलर है.

CVT (कंटीन्यूअसली वैरिएबल ट्रांसमिशन)

CVT गियरबॉक्स थोड़ा अलग तरीके से काम करता है. इसमें बाकी गाड़ियों की तरह फिक्स गियर नहीं होते, बल्कि एक बेल्ट (belt) और पुल्ले सिस्टम (pulley system) होता है, जो जरूरत के हिसाब से खुद ही गियर रेश्यो बदलता रहता है. यही वजह है कि गाड़ी चलाते समय आपको कोई झटका महसूस नहीं होता. अगर आप रोज ट्रैफिक में गाड़ी चलाते हैं, तो CVT आपको काफी आरामदायक और स्ट्रेस फ्री एक्सपीरियंस देता है. साथ ही, ये यानी माइलेज के मामले में भी बढ़िया है.

हालांकि, एक छोटी सी बात ध्यान देने वाली है. कभी-कभी आपको लगेगा कि गाड़ी की स्पीड बढ़ने से पहले इंजन ज्यादा आवाज कर रहा है. इसे ही रबर बैंड इफेक्ट (rubber band effect) कहा जाता है. भारत में Honda City, Nissan Magnite और Toyota Urban Cruiser Hyryder जैसी गाड़ियों में CVT गियरबॉक्स मिलता है.

DSG (डायरेक्ट शिफ्ट गियरबॉक्स)

अगर आपको गाड़ी चलाते समय स्पीड और परफॉरमेंस का असली मजा चाहिए, तो DSG गियरबॉक्स आपके लिए काफी दिलचस्प ऑप्शन हो सकता है. इसे ड्यूल क्लच ट्रांसमिशन (dual-clutch transmission) भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें दो क्लच होते हैं. एक odd gears (1, 3, 5) के लिए और दूसरा even gears (2, 4, 6) के लिए.

इसका फायदा यह है कि जब आप गियर बदलते हैं, तो अगला गियर पहले से ही तैयार रहता है. इसी वजह से गियर शिफ्टिंग तेज और स्मूथ होती है कि आपको झटका तक महसूस नहीं होता, और अक्सेलरेशन के दौरान पावर भी कम नहीं होती. ट्रैफिक में ये थोड़ा अनकंफर्टेबल लग सकता है और इसकी कीमत भी आम गियरबॉक्स से ज्यादा होती है. आपको DSG गियरबॉक्स Volkswagen Virtus, Skoda Kushaq और Audi की कारों में मिल जाएगा.

यह भी पढ़ें: Bharat NCAP क्या है? जानिए कैसे मिलती है कार को सेफ्टी रेटिंग और क्यों है ये जरूरी

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
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