[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Automobile CBS vs ABS: आपकी बाइक के लिए कौन सा ब्रेकिंग सिस्टम रहेगा सही, जान लें फायदे और नुकसान

CBS vs ABS: आपकी बाइक के लिए कौन सा ब्रेकिंग सिस्टम रहेगा सही, जान लें फायदे और नुकसान

0
CBS vs ABS: आपकी बाइक के लिए कौन सा ब्रेकिंग सिस्टम रहेगा सही, जान लें फायदे और नुकसान
CBS vs ABS ब्रेकिंग सिस्टम

CBS vs ABS: बाइक की सेफ्टी की बात करें तो ब्रेकिंग सिस्टम सबसे बड़ा रोल प्ले करता है. ये वही चीज है जो अचानक ब्रेक लगाने पर आपकी जान बचा सकती है. आजकल दो ब्रेकिंग टेक्नोलॉजीज काफी चर्चा में हैं. पहला कॉम्बी ब्रेक्स (Combi Brakes) और दूसरा एबीएस (ABS). अब सवाल ये है कि इन दोनों में से कौनसा ब्रेकिंग सिस्टम ज्यादा बढ़िया, सेफ और पैसे का सही वेल्यू देता है? आइए इसी सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं.

कॉम्बी ब्रेक्स (Combi Brakes) क्या होता है?

कॉम्बी ब्रेक्स को CBS (Combined Braking System) भी कहते हैं. ये थोड़ी स्मार्ट टेक्नोलॉजी है जो आपकी बाइक के आगे और पीछे ब्रेक्स का काम बैलेंस कर देती है. मतलब, अगर आप सिर्फ आगे या सिर्फ पीछे ब्रेक दबाएं, तो भी बाइक सेफ तरीके से रुक जाएगी. ये ज्यादातर एंट्री लेवल वाली बाइक में देखने को मिलती है.

CBS के फायदे

सबसे पहले तो ये पॉकेट-फ्रेंडली होते हैं. मतलब बाइक की कीमत ज्यादा नहीं बढ़ती. शुरुआती राइडर्स के लिए भी बढ़िया होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रेक दबाओ और सिस्टम अपने आप दोनों पहियों को कंट्रोल करता है. और हां, फिसलने का डर भी कम इसमें हो जाता है, खासकर स्कूटर और कम्यूटर बाइक में.

CBS के नुकसान

बता दें कि बारिश या फिसलन वाले रास्तों पर ये थोड़ा कमजोर पड़ जाते हैं. यानी कंट्रोल अच्छे से नहीं मिल पता है. और अगर बाइक तेज हो या जोर से ब्रेक मारें, तो ABS की तुलना में ये थोड़ा पीछे रह जाते हैं.

ABS क्या होता है?

ABS यानी एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम है. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि अचानक ब्रेक मारो तो भी पहिए लॉक नहीं होते. बाइक की ग्रिप बनी रहती है और आप राइड करते-करते अपने रास्ते को बदल सकते हो. कई देशों में 125cc से ऊपर की बाइक पर ये अनिवार्य है और प्रीमियम या स्पोर्टी बाइक में ये स्टैण्डर्ड फीचर होता है. अब हाल ही में MoRTH ने ये भी कह दिया है कि 1 जनवरी 2026 से भारत में बिकने वाली सभी नई बाइक में, चाहे कोई भी इंजन हो, ABS होना जरूरी है. पहले ये सिर्फ 125cc से ऊपर की बाइक पर ही जरूरी था.

ABS के फायदे

ABS वाली बाइक में सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा गया है. ये फिसलने से रोकता है और मुश्किल हालात या इमरजेंसी में भी बाइक का कंट्रोल बनाए रखता है. हाई-स्पीड राइडिंग या स्पोर्ट बाइक के शौकीनों के लिए भी ये बढ़िया है, क्योंकि ब्रेकिंग बिलकुल सटीक होती है. और सबसे बढ़िया बात, यह अलग-अलग रास्तों पर भी बढ़िया काम करता है.

ABS के नुकसान

ABS सिस्टम बाइक की सेफ्टी तो बढ़ा देता है, लेकिन इसका एक छोटा सा झटका ये भी है कि कीमत थोड़ी बढ़ा देता है. मतलब बजट पर ध्यान देने वाले लोग थोड़ा सोचेंगे. और हां, सिस्टम थोड़ा जटिल भी है, तो रिपेयर या मेंटेनेंस में भी ज्यादा खर्चा आ सकता है.

आप कौन सा चुनें?

अगर आप शहर में रोजाना चलते हैं या नए राइडर हैं, तो CBS एक प्रैक्टिकल और बजट-फ्रेंडली ऑप्शन है. ये आपकी सेफ्टी बढ़ाता है बिना ज्यादा पैसे खर्च किए. लेकिन अगर आप ज्यादा स्पीड में बाइक चलाते हैं, मुश्किल रास्तों पर जाते हैं, या पूरी कंट्रोल चाहते हैं, तो ABS आपके लिए बेटर ऑप्शन है.

जैसे-जैसे बाइक्स एडवांस्ड हो रही हैं, CBS और ABS के बीच चुनाव आपकी राइडिंग स्टाइल, एक्सपीरियंस और रास्तों पर डिपेंड करेगा. चाहे आप शहर के ट्रैफिक में फास्ट से चलते हों या पहाड़ी रास्तों पर बाइक चलाते हों, सही ब्रेकिंग सिस्टम चुनना बड़ा फर्क डाल सकता है.

यह भी पढ़ें: गाड़ी का इंश्योरेंस खरीद रहे हैं? जान लें 5 ऐसे टर्म्स जो हर ड्राइवर को पता होने चाहिए

Previous article संसद में टकराव तेज, ओम बिरला के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन लाने की तैयारी में विपक्ष
Next article ‘सुनील सिंह मेरे मामा के चेले थे, संभल कर बोलें नहीं तो सुधार दूंगा…’, तेज प्रताप यादव ने RJD नेता को दी खुली चुनौती
Avatar Of Ankit Anand
अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel