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Home Automobile बार-बार बदलनी पड़ रही है कार की बैटरी? जानिए इसकी असली वजह और समाधान

बार-बार बदलनी पड़ रही है कार की बैटरी? जानिए इसकी असली वजह और समाधान

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बार-बार बदलनी पड़ रही है कार की बैटरी? जानिए इसकी असली वजह और समाधान
3 बार बैटरी बदली, फिर भी गाड़ी बंद- जानिए क्यों / सांकेतिक तस्वीर चैटजीपीटी एआई से

Car Battery Current Leakage: देशभर में कार मालिकों के बीच एक आम शिकायत सामने आ रही है- नयी बैटरी लगाने के बावजूद गाड़ी कुछ ही महीनों में फिर स्टार्ट नहीं होती. अक्सर मेकेनिक इसे “बैटरीखराब” बताकर नयी बैटरी लगाने की सलाह देते हैं. लेकिन असली समस्या कहीं और छिपी होती है. यह रिपोर्ट उन यूजर्स के लिए है जो अनावश्यक खर्च से बचना चाहते हैं और अपनी गाड़ी की असली तकनीकी दिक्कत समझना चाहते हैं.

करेंट लीकेज की प्रॉब्लम

एक कार मालिक ने महज एक साल में तीन बार बैटरी बदलवाई. हर बार उसे बताया गया कि बैटरी खराब है. लेकिन जांच में सामने आया कि बैटरी दोषी नहीं थी, बल्कि गाड़ी में करेंट लीकेज हो रहा था. यानी इंजन बंद होने के बाद भी कोई पार्ट, वायर या मॉड्यूल बैटरी से बिजली खींचता रहा.

कई गुना बढ़ जाता है खर्च

इस तरह की समस्या से यूजर्स को सीधा आर्थिक नुकसान होता है. बैटरी की कीमत 3-5 हजार रुपये तक होती है और बार-बार बदलने पर खर्च कई गुना बढ़ जाता है. साथ ही गाड़ी अचानक स्टार्ट न होने से रोजमर्रा की जिंदगी और सफर दोनों प्रभावित होते हैं.

वजह क्या है?

करेंट लीकेज की पहचान मल्टीमीटर टेस्ट या फ्यूज चेकिंग से की जा सकती है. सामान्य स्थिति में बैटरी पर 30-50 mA तक का करंट ड्रॉ स्वीकार्य है. इससे अधिक रीडिंग लीकेज का संकेत देती है. खराब रिले, डोर स्विच, अल्टरनेटर डायोड, शॉर्ट वायरिंग, आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज और OBD डिवाइस इसके प्रमुख कारण हैं.

आफ्टरमार्केट फिटिंग्स से भी लीकेज

ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि नयी गाड़ियों में ECU और BCM मॉड्यूल का स्लीप मोड में न जाना सबसे बड़ी वजह बन रहा है. वहीं आफ्टरमार्केट फिटिंग जैसे सेंट्रल लॉक और फॉग लैंप में गलत वायरिंग से 99% मामलों में लीकेज होता है. ट्रेंड यह भी दिखा रहा है कि GPS ट्रैकर और OBD डिवाइस लगातार बैटरी से करंट खींचते रहते हैं.

2-3 दिन में डाउन हो रही है बैटरी, तो…

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बैटरी बदलने से पहले करेंट लीकेज की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए. अच्छे मेकैनिक से AMP टेस्ट कराना और आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज सोच-समझकर लगवाना ही समाधान है. यदि बैटरी 2-3 दिन में डाउन हो रही है तो यह 100% लीकेज का मामला है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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