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Home Automobile बाइक का इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए? मिलने लगे अगर ये 5 संकेत तो भूल कर भी न करें नजरअंदाज

बाइक का इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए? मिलने लगे अगर ये 5 संकेत तो भूल कर भी न करें नजरअंदाज

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बाइक का इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए? मिलने लगे अगर ये 5 संकेत तो भूल कर भी न करें नजरअंदाज
Bike Engine Oil: बाइक का इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए?

Bike Engine Oil: बहुत लोगों के लिए ‘बाइक’ सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने वाली सवारी नहीं होती बल्कि एक इमोशन होती है. शाम में दोस्तों के साथ घूमना है तो तुरंत बाइक निकाल ली. घर पर शादी-ब्याह हुई तो स्टेशन से फूफा जी और मामा जी को फटाफट लाने में बाइक ही काम आती है. कभी घरवालों से डांट खा ली और गुस्सा बढ़ गया, तो बाइक पर निकल लिए ठंडी हवा खाने निकल पड़ते हैं. मतलब हर मौके पर बाइक आपका साथ देती है. लेकिन जरा सोचिए, जितना ख्याल बाइक आपका रखती है, क्या आप भी उतना ही उसकी देखभाल करते हैं? क्योंकि जरा सी लापरवाही बाइक के इंजन को खराब कर सकती है.

कई लोग ऐसे होते हैं जो रोज बाइक उठाते हैं, चाबी घुमाते हैं और निकल पड़ते हैं, लेकिन ध्यान ही नहीं देते कि इंजन ऑयल भी बदलना जरूरी होता है. अगर समय पर तेल नहीं बदला तो इंजन में दिक्कतें आने लगती हैं. इंजन को बाइक का ‘दिल’ माना जाता है, और अगर ये खराब हो गया तो जेब ढीली होने के लिए तैयार रहना पड़ेगा. इसलिए ये जानना जरूरी है कि इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए, ताकि आपकी बाइक हमेशा फिट रहे. आइए जानते हैं.

इंजन से तेज आवाज आने पर

अगर आपकी बाइक का इंजन पहले से ज्यादा तेज आवाज करने लगे, तो समझ लीजिए इंजन ऑयल (Bike Engine Oil) बदलने का टाइम आ गया है. नया तेल इंजन के पार्ट्स को एक तरह से सेफ्टी लेयर देता है, लेकिन धीरे-धीरे ये असर खो देता है. जब ऐसा होता है तो धातु के पुर्जे आपस में रगड़ खाने लगते हैं और इंजन से ज्यादा तेज आवाज आने लगती है.

इंजन ज्यादा गर्म होने पर 

अगर बाइक जल्दी-जल्दी गरम होने लगे तो ये इस बात का इशारा हो सकता है कि आपका इंजन ऑयल (Bike Engine Oil) खराब हो गया है, या फिर उसमें तेल कम है. ऐसे में इंजन पर ज्यादा जोर पड़ता है और उसके खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है.

बाइक की स्पीड कम होने पर

अगर बाइक की स्पीड पहले जैसी नहीं बढ़ रही और आपको जरूरत से ज्यादा ज्यादा एक्सीलरेटर घुमाना पड़ रहा है तो समझ जाइए इंजन ऑयल (Bike Engine Oil) बदलने का टाइम आ गया है. दरअसल, कम लुब्रिकेशन और पावर आउटपुट की वजह से ही बाइक की स्पीड स्लो हो जाती है.

ऑयल लेवल कम होने पर

ऑयल लेवल चेक करने के लिए इंजन ब्लॉक के साइड में एक छोटी सी खिड़की बनी होती है. अगर उसमें तेल का लेवल मिनिमम मार्क से नीचे दिखे, तो समझ जाइए कि अब ऑयल बदलने का टाइम आ गया है.

ऑयल काला और गाढ़ा हो जाने पर 

कई बाइक्स में ऑयल चेक करने के लिए डिपस्टिक दिया होता है. इससे आसानी से इंजन ऑयल (Bike Engine Oil) देखा जा सकता है. अगर ऑयल नया है तो उसका रंग हल्का भूरा होगा, लेकिन जैसे-जैसे पुराना होता है, ये काला और गाढ़ा हो जाता है. आप चाहें तो उंगली से भी ऑयल चेक कर सकते हैं. अगर ऑयल छूने पर चिकना की जगह खुरदुरा लगे या उसमें छोटे-छोटे पार्टिकल्स दिखें, तो समझ जाइए कि ऑयल खराब हो चुका है और इसे बदलने की जरूरत है. साथ ही, डिपस्टिक से ऑयल का लेवल भी पता चल जाता है.

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
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