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रेप की घटनाओं को रोकने के लिए एमआईटी की युवा साइंटिस्ट ने बनाया ‘डिवाइस’

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रेप की घटनाओं को रोकने के लिए एमआईटी की युवा साइंटिस्ट ने बनाया ‘डिवाइस’

चेन्नई : हमारे देश में महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, तमाम कानूनों के बावजूद इसपर अंकुश नहीं लग पा रहा है. इन परिस्थितियों के बीच एमआईटी की एक युवा साइंटिस्ट ने एक ऐसा डिवाइस बनाया है, जो रेप पर लगाम कसने में मददगार साबित हो सकता है.

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एमआईटी साइंटिस्ट मनीषा मोहन ने जो डिवाइस बनाया है उसको नाम दिया है ‘निडर’, यह डिवाइस महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को कम कर सकता है. देश में बढ़ती रेप की घटनाएं मनीषा को झकझोर कर रख देती थीं, इसलिए उसने इस डिवाइस को बनाने का निर्णय किया. एमआईटी में रहते हुए मनीषा ने एक स्टिकर का निर्माण किया है, जिसे कपड़े पर लगाया जाता है और जब किसी महिला के वस्त्र उसकी इच्छा के विरुद्ध उतारे जाते हैं, तो स्टिकर पर लगा अलार्म बज उठता है.

स्टिकर में ऐसी व्यवस्था है कि वह जबरदस्ती की प्रक्रिया को समझ सकता है. इस सेंसर में चार लेयर हैं, जो कपड़े उतारने की प्रक्रिया में हुए जबरदस्ती और सहमति को समझ सकते हैं. मनीषा ने बताया कि डिवाइस में ऐसी व्यवस्था भी है कि अगर महिला बेहोश हो, लाचार हो या नशे में चूर हो, तो वह समझ सके. इसके अंदर एक ब्लूटूथ है, जो स्मार्टफोन से अटैच है. जब महिला खतरे में होती है, तो उसके रिश्तेदारों, दोस्तों और घर वालों को तेज आवाज में अलर्ट जाता है. इसके साथ ही यह अपराध करने वालों को डराता भी है कि वह जल्दी से जल्दी उस स्थान से चला जाये, जहां वह क्राइम करना चाह रहा है. यह डिवाइस दो मोड में काम करता है, एक्टिव और पैसिव.

डिवाइस को इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति इस डिवाइस के जरिये एक अलर्ट अपने घर वालों को भेज सकता है उन्हें चौंकन्ना करने के लिए कि वह खतरे में है. साथ ही इसमें यह व्यवस्था भी है कि अगर कोई किसी महिला के कपड़े उतारने की कोशिश करता है, तो स्मार्टफोन पर एक अलर्ट आता है कि क्या इसमें उसकी सहमति है या नहीं? अगर महिला 30 सेकेंड के अंदर रिस्पांड नहीं करती है, तो उसके रिश्तेदारों और दोस्तों को यह अलर्ट मैसेज चला जाता है कि वह मुसीबत में है. साथ ही उसका लोकेशन भी बता दिया जाता है.
इस डिवाइस को ब्लूटूथ के जरिये फोन से जोड़ दिया जाता है और उसे महिला के ड्रेस से जोड़ दिया जाता है. इस डिवाइस को यूज करने के लिए इस स्टिकर को पहनने वाली महिला को एक एप डाउनलोड करना पड़ता है, जिसके जरिये यह डिवाइस काम करता है. मनीषा की यह कोशिश है कि महिलाएं इस डिवाइस का इस्तेमाल करें, ताकि उनके साथ रेप की घटनाओं में कमी आ सके.
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