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Home Automobile Tekya मालवेयर के निशाने पर 10 लाख एंडॉयड यूजर्स

Tekya मालवेयर के निशाने पर 10 लाख एंडॉयड यूजर्स

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Tekya मालवेयर के निशाने पर 10 लाख एंडॉयड यूजर्स

Tekya Malware threats 1 Million Android Users: गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे कई ऐप्स मौजूद हैं जो मालवेयर से प्रभावित हैं. इनमें से जिन ऐप्स को पहचान लिया जाता है उन्हें गूगल अपने प्लेटफॉर्म से हटा देता है. लेकिन कुछ ऐसे भी ऐप्स रह जाते हैं, जिनका पता नहीं लग पाता है और यही ऐप्स यूजर्स के डाटा के लिए खतरा बन जाते हैं.

हैकर्स अपने मालवेयर को गूगल प्ले स्टोर के ऐप्स में इंस्टॉल करते हैं और यूजर्स की जानकारी चुराते हैं. इस बार भी एक ऐसे ही मालवेयर का पता चला है जिसका नाम टेक्या है. इसका पता एक रिसर्च कंपनी चेक पॉइंट ने लगाया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने इस बार टेक्या नाम के मालवेयर का इस्तेमाल किया है. इसे एंड्रॉयड ऐप्स में इंस्टॉल किया गया है. इस मालवेयर को रिसर्चर्स ने कई ऐप्स में देखा है, जिन्हें लगभग 10 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है.

रिसर्चर्स का कहना है कि हैकर्स इस मालवेयर के जरिये यूजर्स का डाटा चुराने की फिराक में हैं. यूजर्स को गूगल प्ले स्टोर के जरिये हैकर्स अपना निशाना बना रहे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, इस मालवेयर से प्रभावित लगभग 56 ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर देखे गए हैं. इनमें से 24 ऐप्स खासतौर पर बच्चों को ध्यान में रखकर बनाये गए हैं, जैसे कि गेम्स और पजल. वहीं, बाकी ऐप्स में यूटिलिटी ऐप्स जैसे कैलकुलेटर्स, ट्रांसलेटर्स और कुकिंग आदि शामिल हैं.

इस मालवेयर से प्रभावित ऐप्स को अगर कोई यूजर डाउनलोड कर लेता है, तो यूजर की डिवाइस को मालवेयर अपना शिकार बना लेता है. यह मालवेयर ऐड फ्रॉड पर काम करता है. रिपोर्ट में साफ बताया गया है कि टेक्या से प्रभावित इन ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया है.

इसका मतलब यह नहीं है कि यूजर्स पर से खतरा टल चुक है. ऐसे में हमारी सलाह है कि आप जब भी कोई ऐप डाउनलोड करें, तो इस बात का ध्यान रखें कि वह फेक न हो. मोटे तौर पर समझें, तो ज्यादा स्टार रेटिंगवाले ऐप्स विश्वसनीय होते हैं.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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