रवींद्र कुमार सिंह
मुजफ्फरपुर जिले का बड़ा हिस्सा इस साल पेयजल संकट से जूझ रहा है. भू-जल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे चापाकल सूख गये हैं. कई इलाकों में सबमर्सिबल बोरिंग भी जवाब दे रहे हैं. दुखद पहलू यह है कि जिले की कई छोटी-छोटी नदियां सूख चुकी हैं और प्रमुख नदियों में पानी नाममात्र का बचा है.यह गहराते जल संकट की एक वजह भी है और परिणाम भी. नदियों में पानी रहने से आसपास के इलाकों में भू-जल का स्तर संतुलित रहता था. नदियों के पानी के सूख जाने की कुछ वजह तो प्राकृतिक है, जबकि बड़ी वजह मानजनित भी है.
मुजफ्फरपुर के सभी 16 प्रखंडों से होकर कोई न कोई नदी गुजरती है. पहले इन नदियों में पानी रहता था. जो जलस्रोत का मुख्य साधन होता था. इस साल गर्मी के मौसम में अधिकतर नदियां सूख चुकी हैं. नतीजतन पाताल का पानी भी नीचे जा रहा है. इससे किसानों की खेती प्रभावित होने के साथ ही लोगों के सामने भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है.
