पश्चिम बंगाल में वीबी जी राम जी योजना लागू, 15 दिनों में नहीं मिला काम तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

VB-G Ram Ji scheme: केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना को बंद कर उसकी जगह वीबी - जी राम जी योजना शुरू करने का फैसला किया है और नयी योजना को शुरू करने के लिए नियमों में कई बदलाव भी किये गये हैं.

By Ashish Jha | July 1, 2026 10:10 AM

कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट

VB-G Ram Ji scheme: पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा एक जुलाई से शुरू किये जाने वाले वीबी- जी राम जी योजना को राज्य में लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है. मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से बताया गया है कि एक जुलाई से राज्य में इस योजना को लागू किया जायेगा और इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार का अवसर प्रदान किया जायेगा.

वर्ष में 60 दिन बंद रहेगा काम

योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के कार्य किये जायेंगे. इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने राज्य को 8500 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं. बीज बोने और फसल कटाई के मौसम को मिलाकर वर्ष में कुल 60 दिनों तक इस योजना के तहत काम बंद रहेगा, ताकि कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की कमी न हो.

क्या-क्या हो रहे बदलाव

एक जुलाई से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी- जी राम जी) लागू हो रहा है. इस योजना के जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका विकास तथा प्राकृतिक आपदाओं से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जायेगी.

125 दिनों के मजदूरी-आधारित काम की गारंटी

प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी-आधारित काम की गारंटी दी जायेगी. दावा किया गया है कि इस योजना से लगभग 2.56 करोड़ जॉब कार्डधारक लाभान्वित होंगे. इस योजना में केंद्र और राज्य के बीच धनराशि का अनुपात 60:40 होगा. केंद्र 8,508 करोड़ रुपये देगा, जबकि राज्य का हिस्सा 5,672 करोड़ रुपये होगा.

15 दिनों के भीतर काम न मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

यदि जॉब कार्डधारक काम मांगता है, तो उसे 15 दिनों के भीतर काम देना होगा. ऐसा न होने पर बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा. इसी तरह, यदि काम की मजदूरी 15 दिनों के भीतर नहीं मिलती है, तो मुआवजा भी दिया जायेगा. अधिक लोगों को रोजगार सुनिश्चित करने के लिए श्रमिकों की जगह मशीनों के उपयोग पर कड़ा नियंत्रण रहेगा.

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ग्राम पंचायत में होगी सोशल ऑडिट

योजना के कुल खर्च का 60 प्रतिशत मजदूरी पर और 40 प्रतिशत सामग्री पर खर्च किया जायेगा. प्रत्येक ग्राम पंचायत में सोशल ऑडिट किया जायेगा. सरकार का कहना है कि यह केवल रोजगार प्रदान करने की योजना नहीं है; बल्कि अवसंरचना, आजीविका, जलवायु सहनशीलता और डिजिटल प्रशासन को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का नया मॉडल तैयार करेगी.

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