टीएमसी की चुनाव आयुक्त पर महाभियोग की तैयारी, आधी रात से शुरू किया हस्ताक्षर संग्रह

Gyanesh Kumar: पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनावों को देखते हुए बड़े कदम उठाने जा रही हैं. वे मुख्य रूप से एसआईआर में वैध वोटरों के नाम शामिल न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं.

By Ashish Jha | March 10, 2026 12:52 PM

Gyanesh Kumar: कोलकाता: बंगाल में राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है. एक तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त शहर में नियमित बैठकें कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी मेट्रो चैनल पर धरना दे रही हैं. इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने एक बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है. पिछले कुछ महीनों में ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कई बार आवाज उठाया है. अभिषेक बनर्जी ने इस मामले में और भी तीखा रुख अपनाया है. अब तृणमूल कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

काफी दिनों से चल रहा है विचार

कुछ दिन पहले ममता बनर्जी ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाया जाएगा. बाद में अभिषेक ने कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर चर्चा भी चल रही है. अटकलें शुरू हो गईं. संवैधानिक पद पर आसीन ऐसे व्यक्ति के खिलाफ महाभियोग चलाना आसान नहीं होता. व्यवहार में किसी न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया मुख्य चुनाव आयुक्त के लिए भी समान ही होती है. हालांकि, इस बार तृणमूल कांग्रेस ने यह प्रक्रिया शुरू की है.

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महाभियोग के लिए 100 सांसदों की जरुरत

सोमवार की आधी रात को तृणमूल ने घोषणा की कि महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हो गई है. हस्ताक्षर जुटाने का काम भी शुरू हो गया है. कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं. तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा में 41 सांसद हैं. ऐसे में सूत्रों का कहना है कि तृणमूल अन्य राजनीतिक दलों से संपर्क कर रही है. भारत गठबंधन में शामिल अन्य पक्षों से भी हस्ताक्षर मांगे जा सकते हैं. हालांकि, भाजपा का दावा है कि तृणमूल के पास मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने का अधिकार नहीं है. भाजपा नेता जगन्नाथ चटर्जी ने कहा कि तृणमूल यह सब सिर्फ सुर्खियों में आने के लिए कर रही है.

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