फालता में 21 मई को पुनर्मतदान: TMC के ‘पुष्पा’ आउट, BJP-कांग्रेस में सीधी भिड़ंत

Falta Assembly Repoll: दक्षिण 24 परगना जिले के फालता विधानसभा (Falta Assembly Constituency) क्षेत्र में विगत 29 अप्रैल को हुआ मतदान रद्द कर दिये जाने के चलते अब यहां गुरुवार 21 मई को पुन: मतदान होना है.

By ArbindKumar Mishra | May 20, 2026 8:26 PM

संवाददाता, कोलकाता

Falta Assembly Repoll: पुनर्मतदान के ठीक दो दिन पहले यहां के सबसे हेवीवेट कैंडिडेट तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने मैदान छोड़ दिया है. मंगलवार को उन्होंने कहा कि अब चुनाव में उनकी कोई रुचि नहीं है.

जहांगीर के मैदान छोड़ने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला

टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर के मैदान छोड़ने से अब फालता (Falta Assembly Constituency) में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला माना जा रहा है. वैसे, इस इलाके में पहले दशकों तक माकपा का भी वर्चस्व रहा है, इसलिए उसे भी सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता.

जहांगीर के हटने के बाद फालता सीट से 5 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला

फालता विधानसभा सीट से जहांगीर के हटने के बाद अब पांच उम्मीदवार ही रह गए हैं, जिनके बीच मुकाबला होना है. हालांकि नाम वापसी की तिथि निकल जाने के चलते औपचारिक तौर पर जहांगीर खान का नाम भी उम्मीदवारों की सूची में बना रहेगा. उनके साथ उनकी पार्टी का सिंबल भी ईवीएम के मॉनिटर पर लगा दिखेगा.

बीजेपी – देबांग्शु पांडा
कांग्रेस – अब्दुर रज्जाक मोल्ला
माकपा- शंभुनाथ कुर्मी
दीप हाटी – निर्दलीय
चंद्रकांत राय – निर्दलीय

जहांगीर के वोटरों के लिए असमंजस की स्थिति

फालता में छह उम्मीदवारों का नामांकन आया था. जहांगीर द्वारा चुनाव मैदान छोड़ने की घोषणा के बाद भी वहां उम्मीदवारों की संख्या छह ही बनी हुई है. इस बीच चूंकि तृणमूल के पूर्व विधायक व पार्टी के फालता उम्मीदवार अब मैदान में नहीं होने की बात कह चुके हैं, तो माना जा रहा है कि मुख्य मुकाबले से वह बाहर हो गये हैं. ऐसे में तृणमूल समर्थकों को या तो मैदान से हटने के बावजूद जहांगीर को ही वोट करना होगा या फिर नया विकल्प ढूंढ़ना होगा.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने टीएमसी समर्थकों से अपने उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग करने की अपील की

बड़ी संख्या में इस अंचल में रहनेवाले एक खास समुदाय के मतदाता जिनके बारे में आम धारणा है कि वे भाजपा के लिए वोटिंग से परहेज करते हैं, अब विकल्प के तौर पर कांग्रेस या माकपा की तरफ झुकेंगे. वैसे, विगत मंगलवार को जहांगीर द्वारा बतौर तृणमूल उम्मीदवार मैदान छोड़ने की घोषणा करने के तुरंत बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने तृणमूल समर्थकों से कांग्रेस के लिए वोट करने की अपील भी कर दी थी. उनका मकसद माकपा या दूसरी पार्टियों से पहले ऐसे मतदाताओं का ध्यान अपने उम्मीदवार की ओर खींचना था.