Sundargarh News: खदान अधिकारी व पुलिस पर किया हमला, बालू लदे ट्रैक्टर छुड़ा ले गये माफिया
Sundargarh News: सुंदरगढ़ जिले में ईब नदी के अमलीपाली बालू घाट पर छापेमारी करने गयी टीम के साथ बालू माफिया ने मारपीट की.
Sundargarh News: सुंदरगढ़ शहर में ईब नदी के अमलीपाली बालू घाट पर बालू की तस्करी रोकने गये खदान व पुलिस विभाग की टीम पर बालू माफिया ने जानलेवा हमला किया. आरोप है कि छापेमारी के दौरान जब अधिकारी और पुलिसवाले जब्त बालू से भरे ट्रैक्टरों को पुलिस स्टेशन ले जा रहे थे, तभी माफिया ने उन पर हमला कर दिया और कई गाड़ियों को जबरदस्ती अपने साथ ले गये. यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.
केवल एक ट्रैक्टर अपने साथ थाना ला सकी जांच टीम
जानकारी के अनुसार, ईब नदी के अमलीपाली बालू घाट से गैर-कानूनी बालू की तस्करी की सूचना मिलने के बाद खदान विभाग के अधिकारियों और टाउन थाना की टीम ने बुधवार को वहां छापेमारी की. लेकिन छापेमारी के बाद ट्रैक्टरों को लेकर जाते समय बालू माफिया ने खदान विभाग के अधिकारियों और पुलिसवालों के साथ मारपीट की और उन्हें भद्दी गालियां दीं. बाद में जब्त गाड़ियों से कुछ ट्रैक्टर वे जबरदस्ती अपने साथ ले गये. जांच टीम केवल एक ट्रैक्टर पुलिस स्टेशन ला सकी.
शिकायत के बाद एक आरोपी हिरासत में
घटना के बाद खदान विभाग के अधिकारी ने टाउन थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. खबर है कि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है. बाकी आरोपी फरार हैं, इसलिए पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है. जिला हवलदार कांस्टेबल एसोसिएशन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभास त्रिपाठी ने कहा कि जब पुलिस वाले दिन-रात लोगों की सुरक्षा के लिए काम करते हैं, तो उन पर इस तरह का हमला बहुत दुखद और निंदनीय है. जब एसपी को घटना की जानकारी दी गयी, तो उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.
अलग-अलग घाटों से नियमित हो रही बालू की तस्करी
सुंदरगढ़ में ईब नदी के अलग-अलग घाटों से हर दिन सैकड़ों ट्रैक्टरों द्वारा अवैध रूप से बालू की नियमित तस्करी किये जाने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं. नियमित कार्रवाई के बावजूद यह रुक नहीं रहा है. अब खदान विभाग के अधिकारियों और पुलिस पर सीधे हमले की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं. जहां खुद पुलिस पर हमले हो रहे हैं, वहीं आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी अलग-अलग हलकों में बहस शुरू हो गयी है.
