Rourkela News: एनजेसीएस समझौता तुरंत हो, 39 महीने के एरियर का भुगतान किया जाये

Rourkela News: सेल प्रबंधन की श्रमिक-विरोधी नीतियों के खिलाफ सीटू की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए.

By BIPIN KUMAR YADAV | June 12, 2026 11:41 PM

Rourkela News: सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने एनजेसीएस समझौता तत्काल लागू करने में विलंब और सेल प्रबंधन की श्रमिक-विरोधी नीतियों के खिलाफ बिसरा चौक पर शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. सीटू के महासचिव बसंत नायक और राउरकेला कंट्रैक्टर वर्कर्स यूनियन के विमान माइती के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन की अध्यक्षता श्रीमंत बेहरा ने की.

39 महीने का बकाया भुगतान नहीं किया गया

इस दौरान बीपी महापात्र, यज्ञेश्वर साहू, रत्नाकर नायक, लक्ष्मीधर नायक, अजय शर्मा, राजकिशोर प्रधान, दिवाकर महाराणा, एनएन पाणिग्राही, अरु दास और जीवन चरिहा समेत कई नेताओं ने सभा को संबोधित किया. नेताओं ने आरोप लगाया कि सेल लगभग 5 साल से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रहा है, इसके बावजूद समझौता ज्ञापन के तहत 39 महीने का बकाया भुगतान नहीं किया गया है. नया एनजेसीएस समझौता भी लंबित है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन की नीतियों के कारण सेल अपनी नवरत्न कंपनी की स्वतंत्रता खो रहा है और ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं.

संविदा कर्मचारियों से खतरनाक जगहों पर काम कराने का लगाया आरोप

सीटू के नेताओं ने कहा कि सभी द्विपक्षीय एनजेसीएस समझौतों और कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है. स्थायी कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो रही है, जबकि संविदा श्रमिकों को खतरनाक जगहों पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. दो दिन पहले वाइजाग में हुई दुर्घटना में 10 में से अधिक संविदा कर्मियों की मृत्यु हो गयी थी. विनिर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छंटनी से उत्पादन प्रभावित हो रहा है. नेताओं ने लाइसेंसशुदा क्वार्टरों को अचानक खाली कराने के आदेश का भी विरोध किया. उन्होंने कहा कि श्रमिक 40 लाख तक की राशि बिना सूद जमा कर मासिक किराया, बिजली और पानी का बिल दे रहे हैं. अचानक क्वार्टर का आवंटन रद्द करने और जमा राशि जब्त करने के सर्कुलर से सेवानिवृत्त श्रमिक और उनके परिवार दहशत में हैं. सीटू ने इस नीति का विरोध करते हुए तत्काल चर्चा और समाधान की मांग की है. संगठन ने राउरकेला के सभी सेवानिवृत्त और कार्यरत श्रमिकों से एकजुट होकर इस्पात श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की. इस आंदोलन में संग्राम सामल, प्रदोष परिडा, विनय बेहुरिया, पीके षाड़ंगी, विश्वजीत माझी, चंद्रभानु दास, प्रभात मोहंती, उपेंद्र त्रिपाठी और बच्चीराम बेहेरा का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

सीटू की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान सीटू नेताओं ने 39 महीने का एरियर देने समेत एनजेसीएस समझौता तुरंत करने, संविदा कर्मचारियों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने, 12 घंटे की कार्य अवधि समाप्त कर आठ घंटे की करने व नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने, 40 फीसदी संविदा कर्मचारियों की छंटनी रोकने, पहले दिया जाने वाला 25 रुपये का विशेष भत्ता बहाल करने, लाइसेंसधारी क्वार्टर और द्वितीय इकाई के मकानों को वापस लेने का आदेश रद्द कर स्थायी समाधान करने, सेल के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की.