Rourkela News : हाथियों के बार-बार आने से बणई के दर्जनों गांवों के लोग दहशत में

भगाने के पारंपरिक तरीकों का हाथियों पर बहुत कम असर हो रहा है.

By SUNIL KUMAR JSR | February 4, 2026 11:12 PM

Rourkela News : बणई ब्लॉक के कई इलाकों में ग्रामीण जंगली हाथियों के बढ़ते खतरे से परेशान हैं, क्योंकि हाथियों के बार-बार हमलो हो रहे हैं. हाथी अक्सर खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं. कई बार हाथी गांवों में घुस जाते हैं और फसल को नुकसान पहुंचाते हैं और सब्जियां खा जाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि नुकसान सिर्फ उतना ही नहीं है जितना हाथी खाते हैं. हमले के दौरान फसलों का एक बड़ा हिस्सा कुचलकर बर्बाद हो जाता है. पहले, हाथियों की आवाजाही ज़्यादातर रात के समय तक ही सीमित थी, लेकिन अब ये दिन में भी इंसानी बस्तियों में घुस रहे हैं, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गयी है. ढिंकिआमा, पुरुना पानी और कोइलिझर जैसे गांवों के निवासियों की हालत लगातार खतरे के कारण दयनीय हो गयी है. हाथियों को भगाने की कोशिश में, ग्रामीण ज़ोरदार आवाज करने के लिए टिन की चादरें, बाल्टियां और ड्रम बजा रहे हैं. हालांकि, इन पारंपरिक तरीकों का जानवरों पर बहुत कम असर हो रहा है. ग्रामीण और वन विभाग दोनों ही इस बढ़ती समस्या से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. कुछ इलाकों में हाथियों की आवाजाही को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर सोलर फेंसिंग लगायी गयी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है. फसलें बर्बाद होने और डर के माहौल के बीच, स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से लगातार हाथियों के खतरे से जान, माल और रोज़ी-रोटी की रक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है.