Bhubaneswar News: युवा शक्ति और शिक्षण संस्थानों के साथ अनुसंधान में निवेश करें उद्यमी : अभाविप

Bhubaneswar News: अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में शनिवार को विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया.

By BIPIN KUMAR YADAV | May 30, 2026 11:56 PM

Bhubaneswar News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की चल रही राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में शनिवार को शिक्षा, वैश्विक परिदृश्य, भारतीय अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र तथा राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चिंतन-मंथन किया गया.

आज पारित किये जायेंगे चार प्रस्ताव

देशभर के विभिन्न प्रांतों से आये कार्यकर्ता-प्रतिनिधियों ने इस बैठक में अपने सुझाव प्रस्तुत कर शिक्षा,अर्बन माओवाद, महिला सुरक्षा तथा वैश्विक परिदृश्य से संबंधित विचारार्थ प्रस्तावों पर अपने सुझाव व्यक्त किये है. गहन चिंतन-मंथन के उपरांत रविवार को विचारार्थ चारों प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया जायेगा. बैठक में अभाविप ने भारतीय उद्योग जगत से अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया है, जिससे विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में गति प्राप्त होगी.

उद्यमियों और युवा शक्ति की साझेदारी से भारत बनेगा वैश्विक नवाचार का केंद्र : डॉ सोलंकी

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने भारतीय उद्यमियों से भारतीय अनुसंधान में निवेश बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए अनुसंधान संबंधी अवसंरचना एवं अनुसंधान परिवेश का सुदृढ़ीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है. भारत के विकास तथा उसे वैश्विक पटल पर अग्रणी बनाने के लिए सरकारी संस्थानों के साथ उद्योग जगत का समन्वित योगदान आवश्यक है. भारत में अनुसंधान एवं विकास पर सकल घरेलू उत्पाद का एक प्रतिशत से भी कम व्यय किया जाता है, जिसमें लगभग 60 प्रतिशत से भी योगदान इसरो, डीआरडीओ, प्रमुख शैक्षिक संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों जैसे सरकारी तंत्र का है. आज भारतीय उद्यमियों के लिए प्रत्येक क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ रही हैं और वे भारत की बढ़ती वैश्विक शक्ति के साथ अधिक सशक्त हो आगे बढ़ रहे हैं. ऐसे में आवश्यकता है कि उद्योग जगत भी इन संस्थानों के साथ दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करते हुए अनुसंधान एवं विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाए, जिससे अनुसंधान एवं विकास पर होने वाले व्यय के दर में भी बढ़ोतरी होगी.