पानी व कर्मियों की कमी से जूझ रहा अग्निशमन विभाग
सीमित संसाधनों के सहारे 14 लाख की आबादी, कैसे बुझ पायेगी आग
साहिबगंज
2011 की जनगणना के अनुसार करीब 14.50 लाख से अधिक आबादी वाले साहिबगंज जिले के नौ प्रखंडों की सुरक्षा का भार महज कुछ दमकल वाहनों और सीमित कर्मियों पर टिका है. जिले में अग्निशमन विभाग के पास तीन बड़े दमकल वाहन हैं, जिनमें एक 5500 लीटर, दूसरा 4500 लीटर क्षमता का है. एक में 42 फीट तक ऊंचाई पर आग बुझाने के लिए सीढ़ी की व्यवस्था है. इसके अलावा 5500 लीटर का एक वाहन राजमहल में तथा 750 लीटर क्षमता का छोटा वाहन तंग गलियों के लिए उपयोग में लाया जाता है. गर्मी शुरू होते ही जिले में अगलगी की घटनाएं बढ़ जाती हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर अधिक देखा जा रहा है. हालांकि दमकल वाहन मौजूद हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या पानी भरने की है. अग्निशमन कार्यालय में एक टैंकर भरने में करीब दो घंटे का समय लगता है, जिससे राहत कार्य प्रभावित होता है. शहर में केवल सूर्या सुपर स्पेशलिस्ट परिसर में पानी भरने की व्यवस्था है, जबकि राजमहल में पानी भरने का रास्ता भी जोखिम भरा है. कर्मियों की भारी कमी स्थिति को और गंभीर बनाती है. जिले में कुल छह अग्नि चालक और पांच प्रधान अग्नि चालक ही कार्यरत हैं, जिनमें से कुछ को राजमहल भेज दिया गया है. जिला मुख्यालय में मात्र छह कर्मियों के भरोसे कई थाना क्षेत्रों की जिम्मेदारी है. अधिकारियों के अनुसार जिले में कम से कम 20 कर्मियों की आवश्यकता है. पिछले 18 महीनों में जिले में करीब 90 अगलगी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें अधिकांश बड़े हादसे शामिल हैं. ऐसे में संसाधनों और व्यवस्था की कमी आग पर काबू पाने में बड़ी चुनौती बनी हुई है.
