.रामसर साइट पर जलपक्षी सर्वेक्षण में दर्ज हुई हजारों पक्षियों की उपस्थिति
उधवा पक्षी आश्रयणी में एशियन वॉटरबर्ड सेंसस सफलतापूर्वक संपन्न
उधवा
झारखंड राज्य की एकमात्र रामसर साइट उधवा पक्षी आश्रयणी में वन प्रमंडल के तत्वावधान में दो दिवसीय एशियन वॉटरबर्ड सेंसस के अंतर्गत जलपक्षी सर्वेक्षण बुधवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के वार्षिक कार्यक्रम के तहत आर्द्रभूमि क्षेत्रों में पाये जाने वाले जलपक्षियों की गणना एवं उनके आवास की गुणवत्ता का आकलन किया गया. सर्वेक्षण टीम में एडब्ल्यूसी समन्वयक सत्य प्रकाश, मंदार नेचर क्लब के संस्थापक डॉ. अरविंद मिश्रा, पक्षी विशेषज्ञ आरुष कुमार, पक्षी पर्यवेक्षक प्रशांत कुमार, वनरक्षी अखिलेश मरांडी सहित अन्य वनकर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही.
तीन झीलों में 31 हजार से अधिक पक्षियों की गणना
मंदार नेचर क्लब के संस्थापक डॉ. अरविंद मिश्रा ने बताया कि दो दिवसीय एशियन वॉटरबर्ड सेंसस के दौरान पुरुलिया झील में लगभग 10 हजार से अधिक, पतौड़ा झील में करीब 7 हजार तथा ब्रह्मजमालपुर झील में लगभग 14 हजार पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गयी. उन्होंने यह भी जानकारी दिया कि यह पहली बार है जब उधवा पक्षी आश्रयणी क्षेत्र में नॉर्दर्न लेपविंग पक्षी देखा गया है. साथ ही झीलों में जलकुंभी सहित अन्य समस्याओं पर बेहतर नियंत्रण के लिए वन विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया.
