फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपायुक्त ने कहा
नगर भवन में स्वास्थ्य विभाग और पीरामल फाउंडेशन द्वारा अंतर विभागीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया.
बच्चों को एल्बेंडाजोल अवश्य खिलायें
डॉ. ताराचंद ने बताया कि फाइलेरिया भी मच्छरों के काटने से फैलता है, जैसे डेंगू और मलेरिया. इस बीमारी का पता लगने में वर्षों लग जाते हैं. हाइड्रोसील का इलाज संभव है, लेकिन हाथ, पैर या स्तन में आई सूजन अक्सर लाइलाज होती है. उन्होंने कहा कि अल्बेंडाजोल आंतों में पनप रहे कृमियों को नष्ट करता है और बच्चों में कुपोषण दूर करने में सहायक है.
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सौ प्रतिशत लोगों तक दवा पहुंचाने की अपील की. सिविल सर्जन डॉ. राजू कच्छप ने भी एमडीए कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी. इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन में बेहतर कार्य करने वाले मुखियाओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया.
कार्यशाला में आइटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर समेत बड़ी संख्या में मुखियाजन और जेएसएलपीएस की दीदीयां उपस्थित रहीं.
