खरना के साथ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू

खरना के साथ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू

By SHAILESH AMBASHTHA | March 23, 2026 9:18 PM

लातेहार /बेतला़ लोक आस्था और सूर्य उपासना का महापर्व चैती छठ रविवार को नहाय-खाय के साथ श्रद्धापूर्वक शुरू हो गया. सोमवार को व्रतियों ने पूरी निष्ठा के साथ खरना””””संपन्न किया. शाम को मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से गुड़ की खीर का महाप्रसाद तैयार किया गया, जिसे ग्रहण करने के बाद व्रतियों का 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास प्रारंभ हो गया. इससे पूर्व सुबह से ही औरंगा नदी, पंपू कल, स्टेशन स्थित खीखीर नदी, बानपुर, ललमटिया डैम और डुरूआ समेत विभिन्न जलाशयों में व्रतियों ने स्नान कर छठी मईयां का आह्वान किया. शहर के मुख्य औरंगा नदी घाट (चाणक्यनगरी) पर श्री सूर्यनारायण पूजा समिति द्वारा साफ-सफाई और लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गयी थी. बेतला और बरवाडीह के ग्रामीण इलाकों में भी पर्व को लेकर भारी उत्साह देखा गया. मनिका विधायक रामचंद्र सिंह की पत्नी इंदू देवी ने भी अपने मंगरा स्थित आवास पर छठ व्रत किया. उन्होंने कोयल नदी पहुंचकर भगवान भास्कर की आराधना की और खरना की तैयारी पूरी की. बुधवार को पारण के साथ होगा समापन : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरना का प्रसाद ग्रहण करने के बाद से ही व्रत का सबसे कठिन चरण शुरू हो जाता है. मंगलवार की शाम को छठ व्रती विभिन्न घाटों पर पहुंचकर अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को पहला अर्घ अर्पित करेंगे. इसके बाद बुधवार की सुबह उदयगामी सूर्य को अर्घ देने के साथ ही चार दिवसीय इस महापर्व का विधिवत समापन होगा. पूरा क्षेत्र फिलहाल कांच ही बांस के बहंगिया जैसे पारंपरिक छठ गीतों से भक्तिमय हो गया है.