जर्जर सड़कों से ग्रामीण परेशान, आंदोलन की तैयारी में लोग

-हल्की बारिश में खुल रही सड़कों की पोल, आवागमन में हो रही भारी परेशानी

By SANJEET KUMAR | May 29, 2026 10:39 PM

ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की स्थिति दिनोंदिन बदतर होती जा रही है. हल्की बारिश के बाद ही कई सड़कों की जर्जर हालत उजागर हो रही है. स्थिति ऐसी बन गई है कि सड़कों पर चलना जोखिम भरा साबित हो रहा है. खासकर दोपहिया वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है, क्योंकि कभी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. क्षेत्र में दर्जनों सड़कें आज भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ी हुई हैं. कई स्थानों पर हालत इतनी खराब है कि वहां वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. लगातार उपेक्षा से नाराज ग्रामीण अब कुछ प्रमुख सड़कों के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने में जुट गये हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि कई सड़कों के निर्माण कार्य को लेकर शिलान्यास तो किया गया, लेकिन मामला केवल शिलापट्ट तक ही सीमित रह गया. वर्षों बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया, तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है.

चांदा-रसटीकर और हरिनकोल-कुर्पटी मोड़ सड़क की हालत सबसे खराब

क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण सड़कें चांदा गांव से रसटीकर मार्ग तथा हरिनकोल से कुर्पटी मोड़ तक की सड़क, इन दिनों बदहाल स्थिति में हैं. ये सड़कें मुख्य मार्ग को ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य करती हैं और प्रतिदिन हजारों लोग इन मार्गों से आवागमन करते हैं. सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे उभर आये हैं, जिससे लोगों का सफर बेहद कठिन हो गया है. वाहन चालक हिचकोले खाते हुए यात्रा करने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के नाम पर केवल लोगों को गुमराह किया जा रहा है. ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि वर्षों बीत जाने के बावजूद भी सड़कों की स्थिति जस की तस बनी हुई है, आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है.