आंगनबाड़ी सेविकाओं ने की ग्रेच्युटी और बीएलओ ड्यूटी से मुक्ति की मांग

-केंद्र संचालन, पोषण और पंचायत राज स्वयंसेवक व्यवस्था को लेकर सरकार से समाधान की अपील

By SANJEET KUMAR | May 22, 2026 11:16 PM

पोड़ैयाहाट प्रखंड कार्यालय परिसर में शुक्रवार को प्रखंड की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता सेविका संघ की प्रखंड अध्यक्ष रंजू देवी ने की. बैठक में प्रमंडलीय अध्यक्ष माया देवी और जिला अध्यक्ष तमन्ना खातून भी उपस्थित रहीं. बैठक में सेविकाओं ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की और सरकार से जल्द पूरा करने की अपील की. प्रमुख मांगों में गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर सेविका-सहायिकाओं को ग्रेच्युटी के दायरे में शामिल करने की मांग शामिल रही. संघ ने कहा कि जहां गुजरात में आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकता है, वहीं झारखंड में इसे क्यों लागू नहीं किया जा रहा. इसके अलावा सेविकाओं ने बीएलओ कार्य से मुक्ति की मांग भी जोर-शोर से उठायी. उनका कहना था कि बीएलओ ड्यूटी के कारण आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन प्रभावित होता है, जिससे बच्चों के पोषण और पढ़ाई पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है. बैठक में पंचायत राज स्वयंसेवक (पीआरएस) व्यवस्था को बंद करने की भी मांग उठायी गयी. सेविकाओं ने आरोप लगाया कि पीआरएस के कारण उनके काम में हस्तक्षेप बढ़ गया है. साथ ही केंद्र संचालन के लिए पोषाहार की अग्रिम राशि समय पर देने की भी मांग की गयी, ताकि बच्चों को गर्म पका भोजन और सूखा राशन समय पर मिल सके. संघ के सदस्यों ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी सरकार की दर्जनों योजनाओं को धरातल पर लागू करते हैं, जैसे टीकाकरण, पोषण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और सर्वे कार्य, लेकिन उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय मिलता है और न ही सरकारी सुविधाएं. जिला अध्यक्ष तमन्ना खातून ने कहा कि जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक उनके साथ होने वाले शोषण को समाप्त नहीं किया जा सकेगा.