VHSNC सदस्यों का उन्मुखीकरण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण को गांव-गांव पहुंचाने पर जोर

VHSNC Orientation Program: सुपौल के कटैया में आयोजित वीएचएसएनसी उन्मुखीकरण कार्यक्रम में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया गया. समिति सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी गई.

By Shruti Kumari | June 19, 2026 1:22 PM

कटैया-निर्मली (सुपौल) से इंद्रभूषण की रिपोर्ट:

VHSNC Orientation Program: पीएचसी पिपरा अंतर्गत एपीएचसी कटैया में बुधवार को ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) के सदस्यों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय मुखिया रेखा कुमारी ने की. इस दौरान समिति सदस्यों को गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, स्वच्छता अभियान और पोषण संबंधी गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया.

गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर जोर

मुखिया रेखा कुमारी ने कहा कि वीएचएसएनसी का गठन ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आम लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है. उन्होंने समिति सदस्यों से सक्रिय भूमिका निभाने और प्रत्येक माह नियमित बैठक आयोजित करने का आह्वान किया. साथ ही बैठकों में लिए गए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया.

महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा

उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान समिति सदस्यों की नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य सत्रों की निगरानी, जीरो डोज वाले बच्चों की पहचान और उनका शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.

इसके अलावा टीकाकरण से वंचित या इंकार करने वाले परिवारों को जागरूक कर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा अनटाइड फंड के पारदर्शी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया.

स्वास्थ्य योजनाओं की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजीव रंजन, प्रखंड समन्वयक विकास ठाकुर, सचिव उषा कुमारी, एएनएम, सक्रिय महिला सदस्य सुमित्रा कुमारी, जीविका सदस्य संजय चौधरी एवं आशा कार्यकर्ता किरण देवी मौजूद रहीं. सभी वक्ताओं ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी योजनाओं और समिति की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी.

स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण में सुधार का संकल्प

मुखिया रेखा कुमारी ने कहा कि यदि वीएचएसएनसी पूरी सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करेगी तो गांवों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार संभव है. कार्यक्रम के अंत में समिति सदस्यों ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया.