कोसी के नेपाली तटबंध पर टला खतरा, डीएम सावन कुमार ने खुद संभाली कमान
Kosi River Inspection: नेपाल स्थित कोसी नदी के पूर्वी एफ्लेक्स तटबंध पर उत्पन्न हुआ गंभीर संकट अभियंताओं की दिन-रात की मुस्तैदी से टल गया है. सुपौल के डीएम सावन कुमार ने बराहक्षेत्र और संवेदनशील स्परों का खुद निरीक्षण कर सुरक्षा इंतज़ामों को हरी झंडी दी.
मुख्य बातें:
वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट
Kosi River Inspection: कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लिए लाइफलाइन माने जाने वाले कोसी नदी के नेपाली तटबंधों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा फिलहाल पूरी तरह टल गया है. कोसी नदी के लगातार उतार-चढ़ाव वाले जलस्तर के बीच, नेपाल स्थित पूर्वी एफ्लेक्स तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सुपौल के जिला पदाधिकारी (DM) सावन कुमार ने बुधवार को जल संसाधन विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक विस्तृत और सघन स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान डीएम ने बाढ़ नियंत्रण के लिए किए गए ‘फ्लड फाइटिंग’ (बाढ़ संघर्षात्मक) कार्यों को बेहद संतोषजनक पाया और आपदा से निपटने के लिए चौबीस घंटे मुस्तैद अभियंताओं की टीम की जमकर सराहना की.
अतिसंवेदनशील स्परों का बारीकी से मुआयना; बराहक्षेत्र में मापा जलस्तर
- संवेदनशील स्परों की जांच: जिला पदाधिकारी ने अपनी टीम के साथ सबसे पहले तटबंध के अतिसंवेदनशील स्पर संख्या 26.40 और 26.88 का बारीकी से निरीक्षण किया और वहाँ दबाव झेल रहे कंक्रीट ब्लॉक की स्थिति परखी.
- स्पर संख्या 21 पर विशेष नजर: इसके बाद डीएम नेपाली बांध के स्पर संख्या 21 पर पहुंचे, जहां बीते 22 जून को इस वर्ष कोसी नदी के सर्वाधिक 1,86,385 क्यूसेक जलस्तर के रिकॉर्ड डिस्चार्ज के कारण भयंकर कटाव हुआ था. मौके पर मौजूद अभियंताओं ने बताया कि युद्धस्तर पर बोल्डर क्रेटिंग और जियो बैग डलवाकर इस मुख्य कटावग्रस्त स्थल को पूरी तरह सुरक्षित और री-स्टोर कर लिया गया है.
- बराहक्षेत्र में वाटर गेज की जांच: इसके बाद डीएम ने नेपाल के मुख्य बराहक्षेत्र (जहां से कोसी पहाड़ों से मैदान में उतरती है) का दौरा किया. वहां उन्होंने जलस्तर मापने की वैज्ञानिक प्रक्रिया को समझते हुए वाटर गेज (Water Gauge) का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी अधिकारियों से रियल-टाइम डेटा शेयरिंग पर चर्चा की.
दो लाख क्यूसेक के करीब पहुंचा था पानी; अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में: डीएम
पिछले दिनों पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर इस मानसून सीजन के अपने उच्चतम स्तर (लगभग दो लाख क्यूसेक) के करीब पहुंच गया था. पानी के इस भारी दबाव से नेपाल स्थित स्पर संख्या 21 पर आंशिक क्षरण शुरू हो गया था, लेकिन हमारी फ्लड फाइटिंग टीम और अभियंताओं ने दिन-रात एक करके समय रहते सुरक्षा कार्य पूरा कर लिया. वर्तमान में संबंधित स्थल पूरी तरह से सुरक्षित है. आपात स्थिति के लिए स्परों पर आवश्यक निर्माण सामग्रियों (बांस, जियो बैग, बोल्डर) का पर्याप्त भंडारण (स्टॉक) सुनिश्चित कर दिया गया है.
समाचार प्रकाशन का दिखा बड़ा असर; युद्धस्तर पर हुआ काम
गौरतलब है कि कोसी नदी के इस नेपाली एफ्लेक्स तटबंध पर उत्पन्न हुए खतरे को लेकर स्थानीय स्तर पर 26 जून को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था. खबर के प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया. इसी संवेदनशीलता का परिणाम है कि आज कटावग्रस्त स्थल पूरी तरह सुरक्षित है और सीमावर्ती गांवों के लाखों लोग भयमुक्त हैं.
Kosi River Inspection: निरीक्षण के दौरान मौजूद रहा शीर्ष तकनीकी अमला
इस उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान डीएम सावन कुमार के साथ विभाग के निम्नलिखित शीर्ष अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- संजीव शैलेश (मुख्य अभियंता / चीफ इंजीनियर, जल संसाधन विभाग)
- संजय कुमार (अधीक्षण अभियंता / सुपरिटेंडिंग इंजीनियर)
- अरविंद कुमार (कार्यपालक अभियंता / एक्सक्यूटिव इंजीनियर)
डीएम ने निरीक्षण के अंत में निर्देश दिया कि नेपाल स्थित मुख्य नियंत्रण कक्ष से लगातार समन्वय बनाए रखा जाए और वायरलेस सेट के माध्यम से हर एक घंटे पर पानी के डिस्चार्ज की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजी जाए, ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
