प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर निकली भव्य कलश यात्रा, जयकारों से गूंजा वार्ड संख्या-25

Kalash Yatra Supaul: सुपौल नगर परिषद के वार्ड संख्या-25 में श्री श्री 108 मां दुर्गा एवं बाबा बजरंगबली प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई. श्रद्धालुओं ने नगर भ्रमण कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की.

By Shruti Kumari | July 1, 2026 12:55 PM

सुपौल से विकास कुमार की रिपोर्ट:

Kalash Yatra Supaul: नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-25 में श्री श्री 108 मां दुर्गा एवं बाबा बजरंगबली प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में बुधवार को भव्य कलश यात्रा एवं नगर भ्रमण का आयोजन किया गया. धार्मिक आस्था और उत्साह के माहौल में निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने भाग लिया. पूरे मार्ग में “जय माता दी” और “जय श्रीराम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा.

श्रद्धालुओं ने सिर पर कलश रख किया नगर भ्रमण

कलश यात्रा का नेतृत्व वार्ड पार्षद कामेश्वर पासवान, नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार जैन उर्फ पप्पू जैन तथा मिथिलेश पासवान ने संयुक्त रूप से किया. यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर वार्ड संख्या-25 के विभिन्न मोहल्लों एवं प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची.

यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों की धुन पर भगवान का गुणगान करते हुए आगे बढ़ते रहे. जगह-जगह स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की.

वैदिक विधि-विधान से होंगे धार्मिक अनुष्ठान

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्री श्री 108 मां दुर्गा एवं बाबा बजरंगबली की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर कई दिनों से धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं. महोत्सव के दौरान वैदिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना, हवन, मंत्रोच्चार एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे.

प्राण-प्रतिष्ठा के बाद होगा महाप्रसाद वितरण

आयोजकों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा. साथ ही अधिक से अधिक लोगों से धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की गई.

बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

कार्यक्रम में माँगेंन पासवान, अशोक पासवान, शशि पासवान, किशोर गुप्ता सहित पासवान समाज के महिला-पुरुष एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. आयोजन समिति ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम हैं.

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