योग दिवस ड्यूटी के विरोध में वायरल वीडियो, सीएचओ पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा
CHO Viral Video Action: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विभागीय ड्यूटी का विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के मामले में सीएचओ जासमिन फ्लेक्स के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. पीएचसी प्रभारी ने सिविल सर्जन को पत्र भेजकर जांच की मांग की है.
त्रिवेणीगंज (सुपौल) से दीपक कुमार की रिपोर्ट
CHO Viral Video Action: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विभागीय ड्यूटी का विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करना एक सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) को भारी पड़ता नजर आ रहा है. वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की प्रभारी डॉ. सुमन कुमारी ने सीएचओ जासमिन फ्लेक्स के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है. इस संबंध में 29 जून को सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति को पत्र भेजा गया है. पत्र की एक प्रति जिला पदाधिकारी (डीएम) को भी प्रेषित की गई है.
मुख्य बातें
योग दिवस पर जारी हुए थे विभागीय निर्देश
पीएचसी प्रभारी के पत्र के अनुसार, राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के निर्देशानुसार 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग सत्र आयोजित किया जाना था. इसके लिए विभागीय निर्देश पीएचसी के आधिकारिक व्हाट्सएप समूह में साझा किए गए थे और सभी सीएचओ एवं संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर योग सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया गया था.
वायरल वीडियो में विभागीय निर्देशों का विरोध करने का आरोप
पीएचसी प्रभारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इसी दौरान सोशल मीडिया पर सीएचओ जासमिन फ्लेक्स का एक वीडियो वायरल हुआ. आरोप है कि वीडियो में वह विभागीय निर्देशों का विरोध करती दिखाई दे रही हैं. पत्र के अनुसार, वीडियो में उन्होंने स्वयं योग सत्र आयोजित नहीं करने की बात कही है तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को भी योग सत्र में भाग नहीं लेने के लिए प्रेरित करती हुई सुनाई दे रही हैं.
सरकारी कार्यक्रम पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका
पीएचसी प्रभारी का कहना है कि वायरल वीडियो में प्रयुक्त भाषा और व्यक्त किए गए विचार राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशों एवं सरकार की नीतियों के प्रतिकूल प्रतीत होते हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रकार का आचरण विभागीय अनुशासन को प्रभावित कर सकता है तथा सरकारी कार्यक्रमों के सफल संचालन पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है.
विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा
पीएचसी प्रभारी ने सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति से वायरल वीडियो की जांच कर नियमानुसार आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.
अब जांच रिपोर्ट और अधिकारियों के निर्णय पर नजर
फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है. अब सभी की निगाहें जिला स्वास्थ्य समिति एवं वरीय अधिकारियों के निर्णय पर टिकी हैं. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है.
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