दानवीर भामाशाह की जयंती पर व्यापारियों ने लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प
Bhamashah Jayanti: सुपौल में दानवीर भामाशाह की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. व्यापार संघ कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में व्यापारियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्रसेवा, दानशीलता और समाज कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.
सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट
Bhamashah Jayanti: सुपौल स्थित व्यापार संघ कार्यालय में रविवार को व्यापारियों के शिरोमणि एवं महान दानवीर भामाशाह की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. इस अवसर पर व्यापारियों ने भामाशाह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम में उनके त्याग, दान और राष्ट्रसेवा के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया.
व्यापार संघ कार्यालय में हुआ आयोजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यापार संघ के अध्यक्ष अमर कुमार चौधरी उर्फ भगवान चौधरी ने की. उन्होंने कहा कि भामाशाह केवल एक सफल व्यापारी ही नहीं थे, बल्कि त्याग, दान और राष्ट्रहित के अद्वितीय प्रतीक थे. उनका जीवन आज भी समाज और व्यापारी वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है.
राष्ट्रसेवा और दान की मिसाल थे भामाशाह
अमर कुमार चौधरी ने कहा कि भामाशाह ने अपने जीवन में समाज और राष्ट्र के लिए जो योगदान दिया, उसे इतिहास हमेशा याद रखेगा. उन्होंने कहा कि उनकी दानशीलता, जनकल्याण के प्रति समर्पण और राष्ट्रहित में किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं. यही कारण है कि आज भी विभिन्न संस्थाओं द्वारा उनके नाम पर ‘भामाशाह सम्मान’ प्रदान किया जाता है.
व्यापारियों ने लिया सेवा का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी व्यापारियों ने भामाशाह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. वक्ताओं ने कहा कि समाज सेवा, ईमानदारी, नैतिक व्यापार और जरूरतमंदों की सहायता ही भामाशाह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. व्यापारियों से सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की भी अपील की गई.
काफी संख्या में शामिल हुए सदस्य
Bhamashah Jayanti: जयंती समारोह में उमेद कुमार जैन, सतीश कुमार उर्फ सुशील चौधरी, रामकुमार चौधरी, योगेंद्र प्रसाद साह, विनोद कुमार जैन, गुरु प्रसाद गुप्ता, सुनील जायसवाल, चंदन कुमार चौधरी, संजय कुमार, बलराम कुमार सहित व्यापार संघ के अनेक सदस्य उपस्थित रहे. सभी ने भामाशाह के आदर्शों को अपनाकर समाज के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दोहराया.
