नारायण नाम का जाप करने से जन्म-मरण से मिलती है मुक्ति : खुशी किशोरी

मां सरस्वती प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ में हुई श्रीमद्भागवत कथा

By MANOJ KUMAR | January 20, 2026 6:00 PM

मां सरस्वती प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ में हुई श्रीमद्भागवत कथा प्रतिनिधि, नारदीगंज. प्रखंड क्षेत्र के पड़रिया गांव में सोमवार को मां सरस्वती प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ में श्रीमद्भागवत कथा कहते हुए कथा वाचिका खुशी किशोरी ने श्रद्धालुओं को बताया कि श्री नारायण सब जगह विराजमान हैं. वह सर्व शक्तिमान हैं. उनके नाम का जाप करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और जीव को जन्म-मरण से मुक्ति मिल जाती है. कलयुग में नारायण का नाम जपने से मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. रामचरितमानस में तुलसीदास लिखे हैं कि कलयुग केवल नाम अधारा, सुमरी सुमरी नर उतरही पारा. पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि अजामिल जैसे पापी व्यक्ति भी मृत्यु के समय नारायण का नाम लेने से मोक्ष को प्राप्त किया था. अजामिल एक ब्राह्मण था. पहले वह भी सात्विक विचार का था, लेकिन लोभ लालच बस बुरे कर्मों में लिप्त हो गया. लोग उससे घृणा करने लगे थे. अपने छोटे पुत्र का नाम वह नारायण रखा था. मृत्यु के समय डर के कारण अपने पुत्र नारायण को पुकारने लगा. नारायण नारायण कहते हुए वह अपना प्राण त्याग दिया. इसके कारण भगवान के धाम को प्राप्त किया. इससे यह स्पष्ट होता है कि ”नारायण” के नाम में कितनी शक्ति है. इस नाम के उच्चारण से अजामिल जैसा पापी भी प्रभु के धाम को प्राप्त कर लेता है, जो इस नाम की शक्ति को दर्शाता है.

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