समस्याओं का जल्द होगा समाधान : डीएम

शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जनता दरबार आयोजित किया गया जनता दरबार में कुल 55 परिवादों की सुनवाई की गई. जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आये लोगो की समस्याएं सीधे डीएम ने सुना और कार्रवाई की.

By DEEPAK MISHRA | February 20, 2026 10:38 PM

हाजीपुर. शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जनता दरबार आयोजित किया गया जनता दरबार में कुल 55 परिवादों की सुनवाई की गई. जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आये लोगो की समस्याएं सीधे डीएम ने सुना और कार्रवाई की. मालूम हो कि सात निश्चय-3 सबका सम्मान-जीवन आसान कार्यक्रम के अंतर्गत जिला, अनुमंडल, प्रखंड, थाना एवं पंचायत स्तर पर भी जनता दरबार का आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है. शुक्रवार को जनता दरबार में जिला, अनुमंडल, प्रखंड, थाना एवं पंचायत स्तर पर कुल मिलाकर लगभग 785 आवेदनों की सुनवाई कर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया गया. सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक परिवाद को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्राप्त आवेदनों पर सात दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन समय-सीमा के भीतर जन शिकायत कोषांग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी की जा सके. जनता दरबार आमजन अधिकारियो के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच है. जनता दरबार में प्राप्त परिवाद राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, अवर निबंधक, आवास, विद्युत, डीएसओ, आईसीडीएस, आर्म्स, सीएस, नीलाम, जीविका, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन, सामाजिक सुरक्षा, होमगार्ड सहित अन्य विभागों से संबंधित रहे. सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक परिवाद को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्राप्त आवेदनों पर सात दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन समय-सीमा के भीतर जन शिकायत कोषांग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी की जा सके. उन्होंने कहा की सभी विभाग शिकायतकर्ताओं को उनके परिवाद की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति से समय-समय पर अवगत कराते रहें. कई मामलों में जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्राथमिकता के आधार पर जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.