फुलवरिया में माधोमठ-रतनपुरा सड़क पुल टूटा, आवागमन ठप, नाराज ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

फुलवरिया. रविवार की सुबह फुलवरिया प्रखंड के माधोमठ से रतनपुरा बाजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर स्थित पुल अचानक टूट जाने से संपर्क व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गयी.

By AWEDHESH KUMAR RAJA | October 5, 2025 4:15 PM

फुलवरिया. रविवार की सुबह फुलवरिया प्रखंड के माधोमठ से रतनपुरा बाजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर स्थित पुल अचानक टूट जाने से संपर्क व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गयी. यह पुल लंबे समय से जर्जर अवस्था में था. इसकी मरम्मत की मांग स्थानीय लोग कई वर्षों से करते आ रहे थे, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण अब यह पूरी तरह ध्वस्त हो गया है. इसको लेकर गुस्साये ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की. पुल के टूटने से न सिर्फ ग्रामीणों की आवाजाही बाधित हो गयी है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं. ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल पिछले 10 वर्षों से मरम्मत की प्रतीक्षा में था. कई बार पुल के आंशिक रूप से धंस जाने या किनारे टूट जाने पर सिर्फ मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से जोड़ दिया गया, लेकिन स्थायी समाधान कभी नहीं किया गया. यह मार्ग हथुआ और कुचायकोट विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जो रतनपुरा, माधोमठ, बथुआ और आसपास के दर्जनभर गांवों के लिए जीवनरेखा के समान है. पुल टूटने के बाद भारी वाहनों का आना-जाना पूरी तरह से बंद हो गया है. वहीं दोपहिया, तीनपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीरों को भी गहरे गड्ढों और दलदल से होकर गुजरना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें रतनपुरा बाजार या बथुआ बाजार तक पहुंचने के लिए चार से पांच किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है. स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों ने बताया कि इस मार्ग का महत्व बेहद अधिक है, क्योंकि इसी रास्ते से व्यापारी बथुआ बाजार जाकर अपना सामान लाते हैं. पुल टूटने से सामान की आपूर्ति बाधित हो गयी है और व्यापार पर सीधा असर पड़ा है. प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि इस पुल के पुनर्निर्माण का वादा करते हैं, लेकिन काम शुरू होने के बाद फाइलें ठंडे बस्ते में चली जाती हैं. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुल की मरम्मत या नया निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

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