गोपालगंज शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, अमरेंद्र कुमार पांडेय बने नए डीईओ, तीन नए डीपीओ की भी तैनाती
Gopalganj Education Department Transfer News: गोपालगंज शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है. रोहतास के अमरेंद्र कुमार पांडेय को नया डीईओ बनाया गया है, जबकि तीन नए जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों की भी तैनाती की गई है. जानिए पूरी खबर.
Gopalganj Education Department Transfer News: (विकास दुबे) बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने गोपालगंज में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए नए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और तीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) की तैनाती कर दी है. विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कई अधिकारियों का तबादला किया गया है, जबकि नए अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस बदलाव के बाद जिले के शिक्षा विभाग की कमान नई टीम के हाथों में होगी.
रोहतास के अमरेंद्र कुमार पांडेय बने गोपालगंज के नए डीईओ
शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार रोहतास के निवासी अमरेंद्र कुमार पांडेय को गोपालगंज का नया जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) नियुक्त किया गया है. उनके जल्द ही जिले में योगदान देने की संभावना है. नए डीईओ के आने के बाद विद्यालयों की निगरानी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
गोपालगंज को मिले तीन नए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी
शिक्षा विभाग ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. बांका के विनय कुमार सुमन को गोपालगंज में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बनाया गया है. वहीं बेगूसराय के शिवम को भी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित किया गया है.
इसके अलावा भोरे के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) लखींद्र दास को पदोन्नति स्वरूप गोपालगंज में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. विभागीय स्तर पर इसे उनके अनुभव और कार्यकुशलता का सम्मान माना जा रहा है.
अविलंब योगदान देने का निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी नवपदस्थापित अधिकारियों को तत्काल अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है. अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिले में शिक्षा विभाग की नई प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी.
शिक्षा व्यवस्था में तेजी आने की उम्मीद
नई टीम के कार्यभार संभालने के बाद विद्यालयों के निरीक्षण, लंबित मामलों के निष्पादन, सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और शैक्षणिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है. साथ ही जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में भी नए कदम उठाए जाने की उम्मीद है.
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