gopalganj news : गोपालगंज कोर्ट में डिजिटल क्रांति, अब बयान के साथ स्क्रीन पर तुरंत दिख रहा टेक्स्ट

gopalganj news : बिहार का पहला सिविल कोर्ट जहां गवाही के साथ ही स्क्रीन पर दिख रहा बयान, ऑनलाइन सुनवाई से सुरक्षा झंझट खत्म, जेल से ही पेश हो रहे अभियुक्त

By SHAILESH KUMAR | May 4, 2026 9:10 PM

gopalganj news : गोपालगंज. अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे कोर्ट का ट्रैंड अब बदलने लगा है. डिजिटल क्षेत्र में कोर्ट में रोज नये प्रयोग हो रहे हैं. गोपालगंज सिविल कोर्ट सोमवार से डिजिटल क्षेत्र में एक और मिसाल कायम की है. अब कोर्ट में बयान दर्ज कराने वाले साथ-साथ स्क्रीन पर अपना बयान आसानी से पढ़ रहे हैं.

इसकी शुरुआत जिला जज नौ राकेश रंजन सिंह की कोर्ट ने की है, जहां बयान दर्ज कराने वाले के सामने एक एलइडी लगाया गया है. उनके द्वारा बोले गये शब्दों को स्क्रीन पर तुरंत डिसप्ले पर पढ़ने का मौका मिल रहा है. यह बिहार का पहला सिविल कोर्ट बना है, जहां इस सुविधा की शुरुआत की गयी है. इससे पहले मुकदमों में गवाही देने वालों को यह पता नहीं चल पाता था कि वे जो बोल रहे हैं, कोर्ट उसे कैसे दर्ज कर रहा है. अपने ही बयान को जानने के लिए कोर्ट से नकल लेने की मजबूरी होती थी, लेकिन अब यह झंझट खत्म हो गया है. यह सब प्रधान जिला जज गीता गुप्ता की पहल पर संभव हो सका है. अब इसे सभी कोर्ट की पीठों में लागू करने की तैयारी चल रही है.

जेल में बंद अभियुक्तों को गवाही उपस्थिति हो रही दर्ज

जिला जज नौ की कोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई पर विशेष फोकस किया गया है. इसमें जेल में बंद अभियुक्तों को हाजिरी के लिए कोर्ट आने की जरूरत नहीं पड़ रही है. साथ ही उनके बयान, साक्ष्य और सबूतों को भी ऑनलाइन स्क्रीन के जरिए लिया जा रहा है. चनावे स्थित मंडल कारा में भी कैदियों की सुनवाई के लिए स्क्रीन लगाया जा चुका है. खासकर कुख्यात व दुर्दांत अपराधियों के लिए यह व्यवस्था राहत दे रही है. वे जेल से ही कोर्ट में चल रही सुनवाई को देख कर अपना पक्ष रख रहे हैं.

कोर्ट लाने-ले जाने में सुरक्षा की चिंता खत्म

जेल में बंद माफिया, कुख्यात व दुर्दांत अपराधियों को कोर्ट लाने-ले जाने में पुलिस को भारी-भरकम सुरक्षा का इंतजाम करना पड़ता था. ऑनलाइन सुनवाई शुरू होने से सुरक्षा को लेकर होने वाली चिंता भी अब दूर हो गयी है. समय पर केस की ट्रायल व सुनवाई आसान हो गयी है. कोर्ट का न सिर्फ समय बच रहा है, बल्कि अपराधियों के भागने का खतरा भी खत्म हो गया है.