गोपालगंज में हाई टेंशन तार की चपेट में आने से मजदूर की मौत, बिजली विभाग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
Bhore High Tension Wire Accident: गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र के कोरेया गांव में हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से मजदूर राजीव मांझी की मौत. ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और कार्रवाई की मांग की.
Bhore High Tension Wire Accident: (सुरेश कुमार राय) भोरे थाना क्षेत्र के कोरेया गांव में सोमवार की सुबह बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां नाथ मंदिर के समीप बन रहे एक मकान की छत पर काम करने के दौरान हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक की पहचान कोरेया गांव निवासी राजीव मांझी के रूप में की गई है. इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है.
छत की ढलाई के लिए सरिया बिछाने के दौरान हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोरेया गांव निवासी निजामुद्दीन अंसारी के मकान की छत ढलाई की तैयारी चल रही थी. मजदूर राजीव मांझी छत पर लोहे का सरिया बिछाने का काम कर रहा था. इसी दौरान छत के ठीक ऊपर से गुजरा हाई टेंशन तार, जो काफी नीचे लटका हुआ था, सरिया से स्पर्श कर गया. करंट का झटका इतना भीषण था कि राजीव को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई.
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. सूचना मिलते ही भोरे थानाध्यक्ष रोहिणी उपाध्याय पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचीं. पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों का आरोप: “आवेदन देने के बाद भी सोता रहा विभाग”
घटना से नाराज ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ग्रामीणों ने बताया कि छत के ऊपर लटक रहा हाई टेंशन तार लंबे समय से खतरे को दावत दे रहा था. इस संबंध में बीते 14 अप्रैल को ही बिजली विभाग के कनीय अभियंता को एक लिखित आवेदन देकर तार को ठीक करने की गुहार लगाई गई थी. ग्रामीणों का आरोप है कि आवेदन मिलने के बावजूद विभाग ने इसकी सुध नहीं ली. अगर समय रहते तार को दुरुस्त कर दिया गया होता, तो आज राजीव की जान बच सकती थी.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मुआवजे की मांग
राजीव मांझी अपने घर का मुख्य कमाऊ सदस्य था. उसकी मौत की खबर मिलते ही पत्नी और बच्चों सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को अविलंब उचित सरकारी मुआवजा देने और दोषी बिजली कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.
