कौन है दूसरा भरत तिवारी बनने का दावा करने वाला आशीष? परिवार ने पहचानने से किया इनकार

Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिलौटी गांव की महापंचायत में खुद को चचेरा भाई बताने वाले आशीष तिवारी के दावों पर सस्पेंस गहरा गया है. जहां आशीष ने मंच से नौकरी छोड़ने और आंदोलन की चेतावनी दी. भरत के परिजनों ने उसे पहचानने से ही साफ इनकार कर दिया है.

By Paritosh Shahi | June 25, 2026 4:04 PM

Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी थी. इस सभा में कई वक्ताओं ने अपनी बात रखी और न्याय की मांग की, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां एक युवक ने बटोरीं. मंच पर आकर खुद को भरत तिवारी का चचेरा भाई बताने वाले इस युवक ने खूब भाषण दिया. युवक का नाम आशीष तिवारी बताया गया है.

दूसरा भरत बनने का किया दावा

महापंचायत के मंच से बोलते हुए आशीष तिवारी ने प्रशासन को सीधे चेतावनी दी. उसने कहा कि अगर सात दिनों के भीतर भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो इस आंदोलन को और भी ज्यादा तेज किया जाएगा. इसके साथ ही उसने भावुक होते हुए यह भी कह दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो वह खुद ‘दूसरा भरत तिवारी’ बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.

भरत तिवारी के परिवार ने दावों को किया खारिज

कार्यक्रम खत्म होने के बाद भरत तिवारी के सगे परिवार से आशीष के बारे में पूछताछ की गई. भरत के बड़े भाई और अन्य परिजनों ने साफ शब्दों में कहा कि आशीष तिवारी उनके कोई निकट संबंधी नहीं हैं. परिवार ने उसके चचेरे भाई होने के दावे को पूरी तरह से मानने से इनकार कर दिया.

भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने भी कहा कि वह आशीष तिवारी को नहीं जानते और उन्होंने इस व्यक्ति को पहली बार देखा है. परिवार के मुताबिक, वह गांव का रहने वाला जरूर हो सकता है, लेकिन उसका परिवार से ऐसा कोई खून का रिश्ता नहीं है जैसा उसने मंच से चिल्लाकर बताया था.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

बिहार पुलिस में नौकरी और इस्तीफा देने की बात पर भी सस्पेंस

महापंचायत के दौरान आशीष तिवारी ने एक और बड़ा दावा किया था. उसने कहा था कि वह बिहार पुलिस में काम करता है और भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ने को तैयार है. उसके इस बयान की भी लोगों के बीच खूब चर्चा हो रही है.

अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि वह सच में बिहार पुलिस में है या नहीं, और क्या उसने नौकरी छोड़ने के लिए कोई कागजी कार्रवाई शुरू की है. फिलहाल आशीष के दावों को लेकर कई सवाल हैं, जबकि भरत तिवारी का परिवार इस पूरे विवाद से अलग सिर्फ निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग पर अड़ा है.

इसे भी पढ़ें: 26, 27, 28 जून को बिहार के इन जिलों में रहेगा आंधी-तूफान, वज्रपात और बारिश का दौर, IMD का डबल अलर्ट