धोरैया में तीन महीने से पानी को तरस रहे ग्रामीण, महिलाओं ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर किया हंगामा

Banka News : भीषण गर्मी के बीच बांका के मड़पा गांव में पेयजल संकट गहरा गया है. नल-जल योजना से पानी नहीं मिलने से परेशान ग्रामीण महिलाओं का सब्र टूट गया और वे शिकायत लेकर सीधे बीडीओ कार्यालय पहुंच गईं.

By AMIT KR SINHA | June 3, 2026 3:25 PM

धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट

Banka News : धोरैया प्रखंड के जयपुर पंचायत अंतर्गत नया टोला मड़पा में नल-जल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति ठप रहने से दर्जनों परिवार गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि पंप चालक की मनमानी के कारण पिछले करीब तीन महीनों से उन्हें नियमित पानी नहीं मिल रहा है. समस्या से परेशान महिलाओं ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर बीडीओ से शिकायत करते हुए अविलंब पेयजल आपूर्ति बहाल कराने की मांग की.

पानी के लिए भटकने को मजबूर ग्रामीण

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गांव में पीएचईडी द्वारा संचालित नल-जल योजना ही पेयजल का मुख्य स्रोत है. बावजूद इसके कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है. भीषण गर्मी में लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.

पंप चालक पर मनमानी का आरोप

शिकायत लेकर पहुंची मनोरमा देवी, कुशमी देवी, मकुना देवी और रिंकू देवी समेत अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि पंप चालक प्रमोद राय अपने निजी कार्यों के लिए मोटर चालू करते हैं, लेकिन ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति नहीं की जाती. महिलाओं का कहना है कि जब भी पानी देने की मांग की जाती है तो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.

महिलाओं का फूटा गुस्सा

लगातार उपेक्षा और जल संकट से परेशान दर्जनों महिलाएं प्रखंड कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया. ग्रामीणों ने कहा कि तीन महीने से पानी नहीं मिलने के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है और छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी परेशान हैं.

प्रमुख ने अधिकारियों को दिए जांच के निर्देश

मामले की जानकारी मिलने पर प्रखंड प्रमुख रंजू देवी ने पीएचईडी के सहायक अभियंता नितीश कुमार से संपर्क कर पूरे मामले की जांच कराने और गांव में तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए.

बीडीओ ने दिया कार्रवाई का भरोसा

बीडीओ अरविंद कुमार ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा ग्रामीणों को जल्द राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा.