फुल्लीडुमर में बम से हत्या करने के मामले में छह दोषियों को उम्रकैद

Banka Court News : बांका में छह साल पुराने सनसनीखेज हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. जमीन विवाद में बम हमला कर रिश्तेदार की हत्या करने वाले छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.

By AMIT KR SINHA | May 22, 2026 12:04 PM

बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट : बांका व्यवहार न्यायालय की एडीजे चतुर्थ अदालत ने हत्या के एक चर्चित मामले में छह आरोपितों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. मामला फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र के अमझार गांव में वर्ष 2020 में हुए बम हमले से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष की वजह

मामला 9 जून 2020 की रात का है. मृतक सुरेश यादव की पत्नी सुनैना देवी द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार उनका परिवार घर के आंगन में सो रहा था. इसी दौरान देर रात कुछ लोग हथियार लेकर घर में घुस आए. आरोप है कि प्रमोद यादव समेत अन्य आरोपितों ने पहले गाली-गलौज की और फिर सुरेश यादव पर बम से हमला कर दिया. विस्फोट इतना जबरदस्त था कि सुरेश यादव की मौके पर ही मौत हो गई. घटना में पास में सो रही उनकी पोती भी गंभीर रूप से घायल हो गई थी. बताया गया कि पूरा विवाद जमीन संबंधी रंजिश को लेकर था.

कोर्ट ने छह आरोपितों को ठहराया दोषी

एडीजे चतुर्थ ओम प्रकाश की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद छह आरोपितों को दोषी करार दिया. सजा पाने वालों में अमझार गांव निवासी प्रमोद यादव, आनंदी यादव, पप्पू यादव, राजू यादव तथा लेटवा निवासी लक्ष्मण यादव और कांग्रेस यादव शामिल हैं. कोर्ट ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया. जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.

सात गवाहों के बयान बने अहम

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए. अदालत ने गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए सभी आरोपितों को दोषी ठहराया. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक हीरालाल सिंह ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह, बलवीर सिंह और शिवशंकर यादव ने बहस में हिस्सा लिया.

पीड़ित परिवार को सहायता का निर्देश

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और डीएलएसए सचिव को मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है. सजा सुनाये जाने के बाद सभी दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया.