बांका में भगवान शनिदेव की पूजा अर्चना को लेकर मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

Banka News : बांका के विजयनगर स्थित शनिदेव मंदिर सहित जिले के विभिन्न मंदिरों में शनिवार को पूजा-अर्चना, महाआरती और भंडारे का आयोजन किया गया. श्रद्धालुओं ने काले तिल और पुष्प अर्पित कर भगवान शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया.बांका के विजयनगर स्थित शनिदेव मंदिर सहित जिले के विभिन्न मंदिरों में शनिवार को पूजा-अर्चना, महाआरती और भंडारे का आयोजन किया गया. श्रद्धालुओं ने काले तिल और पुष्प अर्पित कर भगवान शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया.

By AMIT KR SINHA | June 27, 2026 10:34 AM

बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट :

Banka News : शहर के विजयनगर स्थित भगवान शनिदेव मंदिर सहित जिले भर के अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. शनिवार की सुबह से ही पूजा अर्चना को लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी. इस दौरान भगवान शनिदेव को काले तिल, काले वस्त्र, नीले फूल आदि चढ़ाया गया. मंदिर का पट सुबह 05 बजे ही खुल गया. शाम में महाआरती के बाद भव्य भंडारा का आयोजन हुआ.

मान्यता है कि शनिदेव मंदिर में पूजा अर्चना करने से श्रद्धालुओं की हर मुरादें पूरी होती है. शाम में काफी संख्या में शहरवासी मंदिर पहुंचकर भंडारे में हिस्सा लिया और कतारबद्ध होकर श्रद्धापूर्वक भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया. शनिदेव का प्रसाद का भी यहां विशेष महत्व है. श्रद्धालु प्रसाद को शनिदेव का आशीर्वाद मान कर ग्रहण करते हैं. मंदिर के व्यवस्थापक ने बताया है कि सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यहां कमिटी की ओर से बेहतर प्रबंधन किए जाते है. देर शाम तक कमिटी के सदस्य पूरी तरह से मुस्तैद रहते है.

आज का दर्शन

Banka News : शहर के पुरानी ठाकुरबाड़ी, भयहरण स्थान एवं बाबूटोला स्थित पंचमुखी मंदिर सुबह व शाम में विशेष पूजा अर्चना के साथ संध्या महाआरती का आयोजन होगा. साथ ही विजयनगर स्थित शनि मंदिर में संध्या के समय महाआरती के बाद भंडारा का आयोजन होगा. मंदिर के पुजारी ने बताया है कि यहां दिनों भर पूजा अर्चना के लिए मंदिर का पट खुला रहेगा. शहर के अन्य मंदिरों का पट श्रद्धालुओं के लिए सुबह 05 बजे ही खुल गया.

वहीं मंदार मधुसुदन मंदिर में भगवान की विशेष पूजा अर्चना की गयी. सुबह 7:30 बजे पुजारी बिंदेश्वरी उर्फ पटल झा एवं लक्ष्मण झा के द्वारा भगवान का पंचामृत से स्नान कराया गया. दोपहर 12 बजे भगवान को भोग लगाया जायेगा और संध्या 6 बजे श्रृंगार पूजा व भव्य आरती होगी. साथ ही दोपहर में 01 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट को खोल दिया जायेगा.