बौंसी में हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया गया याद, सब्र, इंसाफ और इंसानियत का दिया संदेश

Muharram 2026: बौसी के सिकंदरपुर गांव में मुहर्रम के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया और कर्बला की कुर्बानी को मानवता, इंसाफ और सच्चाई की सबसे बड़ी मिसाल बताया.

By AMIT KR SINHA | June 26, 2026 1:55 PM

बौसी, (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट

Muharram 2026: मुहर्रम के पावन अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में शुक्रवार को हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में श्रद्धा और अकीदत के साथ एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया.

कर्बला की कुर्बानी को किया गया याद

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन, पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे थे. उन्होंने कर्बला के मैदान में अन्याय, अत्याचार और जुल्म के खिलाफ डटकर मुकाबला किया तथा सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी.

Muharram 2026: पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है शहादत

वक्ताओं ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत पूरी मानवता के लिए साहस, त्याग और सच्चाई की मिसाल है. उनका जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, इंसान को सत्य और न्याय के रास्ते से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए.

सब्र और इंसाफ का रास्ता अपनाने की अपील

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन का जीवन हमें हर परिस्थिति में सब्र रखने, सच्चाई का साथ देने और इंसाफ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है. उनके बताए आदर्श आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने कर्बला के समय थे.

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भाईचारा और अमन-चैन का लिया संकल्प

इस अवसर पर मोहम्मद फैज़ल, मोहम्मद मिकाइल, मोहम्मद नसीर, गुलाम मुर्तजा और मोहम्मद इसरायल सहित अन्य लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की अज़ीम कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही समाज में आपसी भाईचारा, अमन-चैन और इंसानियत को मजबूत करने का संकल्प लिया.

शांति और खुशहाली की दुआ के साथ कार्यक्रम संपन्न

कार्यक्रम का समापन देश और दुनिया में शांति, सौहार्द और खुशहाली की दुआ के साथ हुआ. उपस्थित लोगों ने कहा कि कर्बला का संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना रहेगा.

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