मुख्य सचिव ने गंगा संरक्षण योजनाओं में तेजी लाने का दिया निर्देश, वीसी में शामिल हुए बांका के डीएम

Ganga Conservation Meeting: बिहार के मुख्य सचिव ने गंगा संरक्षण योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जन-जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए.

By AMIT KR SINHA | July 3, 2026 2:00 PM

बांका से विभांशु की रिपोर्ट

Ganga Conservation Meeting: बिहार राज्य गंगा समिति की सातवीं बैठक गुरुवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई. बैठक में गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. बांका के जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल समाहरणालय सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए.

गंगा संरक्षण योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा

बैठक के दौरान गंगा संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की जानकारी साझा की.

मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि योजनाओं की नियमित निगरानी और समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों को हासिल किया जा सके.

Ganga Conservation Meeting: पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन पर जोर

बैठक में जल स्रोतों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और गंगा नदी तंत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया गया.

मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना राज्य की प्राथमिकता है और इसमें सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है.

जन-जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने का निर्देश

बैठक में जल संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े जन-जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया.

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके.

समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर जोर

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों को योजनाओं के बेहतर समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

अधिकारियों से कहा गया कि गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के उद्देश्य को सफल बनाने के लिए सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए.

ये भी पढ़ें : परमाणु विद्युत संयंत्र: बांका में चौथी बार भी नहीं हो सकी मिट्टी जांच, ग्रामीणों के विरोध के बीच लौटी टीम

ये भी पढ़ें: 5 जुलाई तक भारी बारिश का संभावना, किसानों और आम लोगों के लिए जारी हुई बड़ी चेतावनी