लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई, स्वास्थ्य अधिकारियों को बांका डीएम की सख्त चेतावनी

Health Department Review: बांका के जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

By AMIT KR SINHA | June 15, 2026 12:00 PM

बांका से निरंजन कुमार की रिपोर्ट

Banka News : बांका समाहरणालय सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसमें कई स्वास्थ्य संस्थानों का प्रदर्शन अपेक्षा से कमजोर पाया गया. इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए आगामी माह में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

चांदन और शंभुगंज का प्रदर्शन सबसे कमजोर

समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चांदन और शंभूगंज अधिकांश सूचकांकों में पिछड़े हुए पाए गए. डीएम ने स्वास्थ्य प्रबंधकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगले माह तक प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी. संस्थागत प्रसव की समीक्षा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंभूगंज, बेलहर और कटोरिया की उपलब्धि संतोषजनक नहीं पाई गई. डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कम से कम 75 प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही मातृत्व मृत्यु और शिशु मृत्यु के कारणों को समय पर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश भी दिया गया.

गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर

बैठक में प्रथम एएनसी, प्रथम तिमाही पंजीकरण, चतुर्थ एएनसी, गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन जांच, आईएफए टैबलेट वितरण, टीकाकरण तथा परिवार नियोजन कार्यक्रमों की समीक्षा की गई. डीएम ने सभी कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने को कहा. बांका सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल अमरपुर, बौंसी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धोरैया में सिजेरियन ऑपरेशन की उपलब्धि संतोषजनक नहीं पाई गई. इस पर डीएम ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और उपाधीक्षकों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को संस्थागत स्तर पर सिजेरियन सुविधा उपलब्ध कराई जाए.

टीबी स्क्रीनिंग और टीकाकरण पर फोकस

बैठक में टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई. डीएम ने निर्देश दिया कि ओपीडी में आने वाले कम से कम 50 प्रतिशत मरीजों की टीबी स्क्रीनिंग की जाये. पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम में शंभूगंज, धोरैया और बेलहर की उपलब्धि कम पाई गई. जिलाधिकारी ने इन प्रखंडों को लक्ष्य के 95 प्रतिशत तक पहुंचने का निर्देश दिया.जन्म के समय शिशुओं के लिंगानुपात की समीक्षा में चांदन और बौंसी के आंकड़े काफी कम पाए गए. डीएम ने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में विशेष निगरानी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया.

ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं की भी हुई समीक्षा

भाव्य कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन ओपीडी कंसल्टेशन, वाइटल टेकन, चीफ कम्प्लेंट्स, प्रिस्क्रिप्शन डिस्पेंस, औसत वेटिंग टाइम और औसत जर्नी टाइम जैसे सूचकांकों की भी समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी डेटा और प्रविष्टियां अपडेट करना सुनिश्चित किया जाए. बैठक के अंत में डीएम नवदीप शुक्ला ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारना प्रशासन की प्राथमिकता है. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

बैठक में उपाधीक्षक डॉ. लक्ष्मण पंडित, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सोहेल अंजुम, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सुनील कुमार चौधरी, डीपीएम डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, अमरेंद्र कुमार आर्य, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, जावेद अली खान सहित सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य प्रबंधक और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.