बौंसी में महीनों से झुके और टूटे पोल बने खतरे की वजह

नगर पंचायत के वार्ड संख्या 8 और वार्ड संख्या 12 में बिजली के खतरनाक पोल लंबे समय से किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है.

By MANISH KUMAR | June 13, 2026 10:07 AM

विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है.

बौंसी, (बांका ) से संजीव पाठक की रिपोर्ट :

नगर पंचायत बौंसी में बिजली विभाग की लापरवाही लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ती नजर आ रही है. नगर पंचायत के वार्ड संख्या 8 और वार्ड संख्या 12 में बिजली के खतरनाक पोल लंबे समय से किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है. जानकारी के अनुसार, वार्ड संख्या 8 में पिछले लगभग छह महीनों से एक बिजली का पोल बुरी तरह झुका हुआ है.

बारिश के दौरान पोल के गिरने की बनी रहती है आशंका

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा या बारिश के दौरान पोल के गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे आसपास के घरों और राहगीरों की जान जोखिम में पड़ सकती है. वहीं वार्ड संख्या 12 स्थित मेला ग्राउंड के समीप एक बिजली पोल टूट जाने के बाद एक मकान के सहारे टिका हुआ है. यह स्थिति और भी अधिक चिंताजनक है, क्योंकि किसी भी समय पोल के गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बच्चों और आम लोगों की आवाजाही वाले क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही बेहद खतरनाक साबित हो सकती है.

शिकायतों के बावजूद अ तक न तो पोल बदला न तार

ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक न तो पोल बदला गया और न ही कोई स्थायी समाधान किया गया.लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. लोगों ने कहा, जब जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, तो आम लोगों की समस्याओं पर विभाग कितना ध्यान देता होगा, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन खतरनाक पोलों को हटाकर नए पोल नहीं लगाए गए, तो किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी.क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है, ताकि संभावित दुर्घटना को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.