धोरैया में ठनका का कहर, आंधी-बारिश के बीच 3 मवेशियों की मौत

Banka Lightning Tragedy: तेज आंधी और बारिश के बीच गिरी आकाशीय बिजली ने तीन बेजुबान मवेशियों की जान ले ली. घटना के बाद पशुपालकों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे सरकारी सहायता की मांग कर रहे हैं.

By AMIT KR SINHA | June 28, 2026 11:49 AM

धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट

Banka Lightning Tragedy: बांका जिले के धोरैया प्रखंड में रविवार को आंधी और बारिश के दौरान हुए वज्रपात ने पशुपालकों को बड़ा नुकसान पहुंचाया. अलग-अलग स्थानों पर गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक दुधारू गाय और दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद प्रभावित परिवारों में मातम पसरा हुआ है और पशुपालक प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगा रहे हैं.

Banka Lightning Tragedy:धोपसंडा गांव में दुधारू गाय पर गिरा ठनका

जानकारी के अनुसार चलना पंचायत के धोपसंडा गांव निवासी मो. इलताफ अंसारी की दुधारू गाय बहियार में चर रही थी. इसी दौरान तेज आंधी और बारिश के बीच अचानक वज्रपात हुआ और गाय उसकी चपेट में आ गई.

आकाशीय बिजली का प्रभाव इतना तेज था कि गाय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए.

बेलडीहा और जग्गनकित्ताबहियार के बीच दो भैंसों की मौत

घटनास्थल पर मौजूद पशुपालक.

इसी प्रकार घसिया पंचायत के बेलडीहा गांव निवासी अरुण यादव की दो भैंसें बेलडीहा और जग्गनकित्ताबहियार के बीच चर रही थीं. तभी मौसम खराब होने के दौरान हुए वज्रपात ने दोनों भैंसों को अपनी चपेट में ले लिया.

ग्रामीणों के अनुसार दोनों मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद पशुपालक और उनके परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं.

पशुपालकों पर टूटा आर्थिक संकट

ग्रामीण इलाकों में पशुपालन कई परिवारों की आय का प्रमुख साधन होता है. ऐसे में दुधारू गाय और भैंसों की अचानक मौत से प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ाहै.

पशुपालकों का कहना है कि मवेशियों की मौत से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा और अब परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

ये भी पढ़े : बांका में धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा मानसून, बारिश और ठनका का अलर्ट

सरकारी सहायता की मांग, सीओ को दी गयी सूचना

घटना के बाद प्रभावित पशुपालकों ने धोरैया अंचलाधिकारी को इसकी सूचना देकर सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है. उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा में हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन से आर्थिक मदद मिलनी चाहिए.

मौसम विभाग की चेतावनी के बीच सतर्क रहने की अपील

लगातार बदलते मौसम और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और बहियारों में जाने से बचने की अपील की है. पशुपालकों को भी आंधी और बारिश के दौरान मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है.

ये भी पढ़े : धोरैया में बारिश ने बरपाया का कहर, ठनका की चपेट में आकर 3 महिलाएं झुलसीं

ये भी पढ़े : बिना वैध वीजा के भारत में रह रहे बांग्लादेशी दंपती बांका के जमदाहा ठाकुरबाड़ी से गिरफ्तार